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लखनऊ: दांव पर पूर्व और वर्तमान मंत्री-विधायकों की प्रतिष्ठा, दो मंत्री और दो मौजूदा विधायक लड़ रहे हैं चुनाव

Wed, 23 Feb 2022 05:27 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में दो मंत्री और दो मौजूदा विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। कई पूर्व विधायक और मंत्री भी मैदान में हैं।
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यूपी के कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक व आशुतोष टंडन। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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यूपी विधानसभा चुनाव के वर्तमान परिदृष्य को देखते हुए चुनावी पंडितों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सीधी टक्कर है। दोनो दल प्रदेश में अपनी सरकार बनाने के लिए गुणा-भाग लगा रहे हैं। हर चरण के चुनाव के बाद संभावित सीटों की संख्या जोड़कर आगे की रणनीति पर मंथन हो रहा है। वहीं दूसरी ओर लखनऊ जनपद में भाजपा के दो मंत्री और दो विधायक अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए चुनावी रण में हैं। भाजपा की प्रतिद्वंद्वी समाजवादी और बाकी पार्टियों की ओर से भले ही इस बार कोई मौजूदा विधायक मैदान में न हो, पर कई पूर्व विधायक और मंत्री अपनी किस्मत जरूर आजमा रहे हैं।

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लखनऊ के चुनाव पर पूरे प्रदेश की नजर रहती है। इस बार के चुनाव में भाजपा के दो मौजूदा मंत्री आशुतोष टंडन और ब्रजेश पाठक मैदान में हैं। आशुतोष टंडन जहां पिछली बार की तरह एक बार फिर से लखनऊ पूर्वी विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं तो वहीं ब्रजेश पाठक की सीट में इस बार बदलाव हुआ है। पाठक ने इस बार मध्य के बजाय कैंट विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी पेश की है। मामला क्योंकि सरकार के दो कद्दावर कैबिनेट मंत्रियों से जुड़ा है, इसलिए इन सीटों पर लोगों की निगाह ज्यादा है। इन दो मंत्रियों के अलावा भाजपा के दो अन्य विधायक भी इस बार चुनावी मैदान में हैं।

मलिहाबाद सीट से भले ही जयदेवी कौशल मैदान में हैं पर इस सीट से उनके पति केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की साख भी जुड़ी हुई है। मलिहाबाद सीट से किसी समय निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव जीते कौशल किशोर इस बार लगातार दूसरी बार भाजपा के टिकट पर मोहनलालगंज क्षेत्र से सांसद चुने गए हैं। ऐसे में इस सीट पर भाजपा के लिए जीत हासिल करना बड़ी चुनौती है। मलिहाबाद के अलावा लखनऊ उत्तर सीट पर भी भाजपा विधायक हैं। इस सीट पर पिछली बार की तरह डॉ. नीरज बोरा मौदान में हैं। सपा की ओर से प्रत्याशी घोषित होने से पहले तक उनकी सीट बदलने की चर्चा थी, लेकिन अंत में लगातार दूसरी बार उनको टिकट मिल गया।
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सपा की ओर से पूर्व विधायक और पूर्व मंत्रियों की दावेदारी
समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2017 के चुनाव में मोहनलालगंज विधानसभा के रूप में सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल की थी। इस बार मौजूदा विधायक अंबरीष पुष्कर के स्थान पर पूर्व सांसद सुशीला सरोज को इस सीट से टिकट दिया गया है। सुशीला सरोज सपा सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं। मौजूदा विधायक का टिकट कटने से पनपे विरोध के बीच सुशीला सरोज के सामने जीत हासिल करना चुनौती है। सपा सरकार में एक और मंत्री रह चुके रविदास मेहरोत्रा भी इस बार मैदान में हैं। उनकी बढ़ती उम्र को देखते हुए यह उनका अंतिम चुनाव माना जा रहा है। अंतिम चुनाव में उनके लिए जीत हासिल करना सीधे तौर पर प्रतिष्ठा का सवाल है। सपा की ओर से तीसरे पूर्व मंत्री सरोजनीनगर विधानसभा सीट से अभिषेक मिश्रा हैं। अभिषेक के सामने ईडी के पूर्व संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह की चुनौती है। इन दो मंत्रियों के अलावा सपा ने बीकेटी क्षेत्र से पूर्व विधायक गोमती यादव को मैदान में उतारा है। उनके सामने भी यह चुनाव साख से जुड़ा हुआ है। पिछले चुनाव में वे नंबर तीन पर रहे थे।

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