फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: डॉक्टरों के लिए पहेली बन गया मरीज का लिंग... स्त्री-पुरुष दोनों के जननांग मौजूद, अब बनेगा पूर्ण पुरुष

Fri, 03 Oct 2025 04:09 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मरीज पेट दर्द की समस्या को लेकर डॉक्टर के पास आया था। जब जांच हुई तो चौंकाने वाली बात सामने आई। इससे डॉक्टर भी हैरान हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में पेट दर्द की समस्या लेकर आए 35 वर्षीय रोगी का लिंग डॉक्टरों के लिए भी पहेली बन गया है। मरीज में स्त्री और पुरुष दोनों के जननांग मौजूद हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बचपन में ही सर्जरी करके मरीज को पूर्ण रूप से स्त्री या पुरुष बनाया जा सकता था। जांच में मरीज में कैंसर की पुष्टि हुई है। इसलिए अब पहले उसका इलाज जरूरी है।

विज्ञापन


यूरोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. विश्वजीत सिंह ने बताया कि पूर्वांचल के जनपद का यह मरीज पेट में दर्द की समस्या लेकर आया था। जांच करने पर पता चला कि उसके वृषण (टेस्टिस) अंडकोष के बजाय पेट में थे। बचपन में सर्जरी कर उन्हें सामान्य अवस्था में लाने का विकल्प था, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे मामलों में वृषण सही स्थान पर न लाने पर उनमें कैंसर बन जाता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। इसलिए मरीज की कीमोथेरेपी शुरू कर दी गई है।

ये भी पढ़ें -  "दंगों के गुनहगारों पर इतनी लाठियां बरसेंगी कि उनकी सात पुश्तें भी दंगा करना भूल जाएंगी", यूपी के मंत्री ने दिया बयान
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - 3 से 11 अक्टूबर तक अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह मनाएगी योगी सरकार,'मिशन शक्ति 5.0' से सशक्तीकरण का संदेश


जांच करने पर देखा गया कि रोगी में पुरुष जननांग वृषण, प्रोस्टेट ग्रंथि और अर्ध विकसित शिश्न मौजूद था। इसके साथ ही मरीज में गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब और अंडाशय भी थे, जो पूर्ण रूप से महिला होने की निशानी है।

छिपाएं नहीं, जननांगों की विकृति पर डॉक्टर से लें परामर्श

जन्म के समय मां बाप को बच्चे के जननांग संबंधी विकृति का पता तुरंत चल जाता है। सामाजिक लोकलाज के फेर में वे इसे छिपाने लगते चाहिए कि समय के साथ ही यह विकृति हैं। उन्हें सोचना सभी को पता चल जाएगी। इसके बजाय अगर डॉक्टर का परामर्श लिया जाता तो बच्चा सामान्य जीवन व्यतीत करता।

कैंसर ठीक होने के बाद होगी सर्जरी

प्रो. विश्वजीत सिंह ने बताया कि पहली प्राथमिकता कैंसर का उपचार करना है। इस मामले में मरीज का पालन-पोषण पुरुष के रूप में हुआ है। इसलिए सर्जरी करके उसे पूर्ण रूप से पुरुष बनाया जाएगा।
विज्ञापन

सही समय पर होती सर्जरी, तो नहीं झेलना पड़ता सामाजिक दंश

डॉक्टरों के अनुसार इस मामले में अगर घरवालों ने बच्चे के जन्म के बाद ही डॉक्टरों से संपर्क किया होता तो फिर आसानी से सर्जरी हो सकती थी। सर्जरी के माध्यम से घरवालों की इच्छा के अनुसार उसे पूर्ण बालक या बालिका बनाया जा सकता था। इसके बाद उसी हिसाब से उसका पालन-पोषण होता। सही समय पर सर्जरी न होने से रोगी ने इतने साल सामाजिक दंश झेला और इसी वजह से अब कैंसर पीड़ित भी हो गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें