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कानपुर सिख दंगा: योगी सरकार के आदेश पर एसआईटी ने 10 मामलों की फिर शुरू की विवेचना

Wed, 29 Jan 2020 09:49 AM IST
शाहरुख खान विष्णु मोहन, अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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सिख विरोधी दंगे की तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार के आदेश पर कानपुर में 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों की दोबारा जांच कर रही एसआईटी ने दस मामलों में विवेचना शुरू कर दी है। वहीं, पांच मामलों में निचली अदालतों के फैसलों को लेकर उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। 
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इन पांचों में से एसआईटी एक मामले में अपील दाखिल कर चुकी है और चार मामलों में विधि विशेषज्ञों की सलाह ले रही है। इन केसों में अधीनस्थ न्यायालयों ने या तो मामूली सजा तय की थी या आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया था। उच्च न्यायालय में अपील के लिए एसआईटी ने प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी थी। 

  कानपुर में हुए सिख विरोधी दंगों में 127 लोगों की हत्या हुई थी। इसे लेकर 1,251 मुकदमे दर्ज हुए थे। स्थानीय पुलिस ने इनमें से 153 मामलों को छोड़ अन्य सभी में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी। 
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एसआईटी ने दर्ज मामलों में से 39 केस चिह्नित किए। इनमें से 11 में चार्जशीट लग चुकी है जबकि 28 में पुनर्विवेचना की अनुमति मांगी है। एसआईटी ने शासन को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। 
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जांच प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से दस मामलों में विवेचना की कार्यवाही दोबारा शुरू की गई है। यह वे दस मामले हैं जिनमें 35 लोगों का कत्ल हुआ। जांच में इन सभी मामलों में विवेचना सही तरीके से नहीं हुई थी। 

इसके अलावा शेष बचे 18 मामलों में जल्द विवेचना शुरू की जानी है। इसके लिए एसआईटी अपनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है। इस बीच एसआईटी ने अपील वाले केसों के साथ ही पुनर्विवेचना के लिए छांटे गए सभी मामलों से संबंधित दस्तावेज व पूर्व में की गई जांच रिपोर्ट व निष्कर्ष हासिल करने की कवायद शुरू कर दी है।
 
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