प्रदेश सरकार के आदेश पर कानपुर में 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों की दोबारा जांच कर रही एसआईटी ने दस मामलों में विवेचना शुरू कर दी है। वहीं, पांच मामलों में निचली अदालतों के फैसलों को लेकर उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
इन पांचों में से एसआईटी एक मामले में अपील दाखिल कर चुकी है और चार मामलों में विधि विशेषज्ञों की सलाह ले रही है। इन केसों में अधीनस्थ न्यायालयों ने या तो मामूली सजा तय की थी या आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया था। उच्च न्यायालय में अपील के लिए एसआईटी ने प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी थी।
कानपुर में हुए सिख विरोधी दंगों में 127 लोगों की हत्या हुई थी। इसे लेकर 1,251 मुकदमे दर्ज हुए थे। स्थानीय पुलिस ने इनमें से 153 मामलों को छोड़ अन्य सभी में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी।
एसआईटी ने दर्ज मामलों में से 39 केस चिह्नित किए। इनमें से 11 में चार्जशीट लग चुकी है जबकि 28 में पुनर्विवेचना की अनुमति मांगी है। एसआईटी ने शासन को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।