कमलेश तिवारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाह पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने दो दिनों में 25 मुकदमे दर्ज किए हैं। 150 से अधिक एकाउंट ब्लॉक कर इन्हें बंद करने के लिए रिपोर्ट दर्जकर गिरफ्तारी की जा रही है। इस मामले में प्रयागराज से चार और औरैया से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने बताया कि गलत तथ्य प्रस्तुत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर चल रही गतिविधियों पर पुलिस की नजर है।
उन्होंने बताया कि एसपी स्तर के अधिकारी सोशल मीडिया सेल के जरिए निगरानी रख रहे हैं। जिस जिले की आईडी से नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है उसे चिह्नित कर पुलिस कप्तान को कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है। कई जिलों में मुकदमे कायम कर कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वायरल तथ्यहीन पोस्ट
एडीजी कानून व्यवस्था ने कहा कि हत्याकांड को लेकर कई तथ्यहीन पोस्ट वायरल की जा रही है। फेसबुक और व्हाट्सएप पर वायरल हो रही एक पोस्ट में कहा गया है कि ‘लखनऊ में कमलेश तिवारी का मर्डर 18 अक्तूबर को दिन में चार बजे हुआ। लखनऊ से सूरत के लिए ट्रेन रात में 12 बजे है। यूपी पुलिस 10 घंटे में ही सूरत से तीन हत्यारे पकड़ लाई, जबकि लखनऊ से सूरत की दूरी 1400 किलोमीटर है और समय लगता है कम से कम 24 घंटा... है न कमाल की पटकथा’।