बीते दिनों सियासी गर्मी बढ़ाने वाली मुस्लिम धर्मगुरु कल्वे जव्वाद नकवी और राजनाथ सिंह की मुलाकात में नया मोड़ आ गया है।
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जिन मौलाना जव्वाद ने राजनाथ की गुजारिश पर भाजपा की जीत के लिए दुआ मांगी थी, वही शुक्रवार को एक कार्यक्रम में अपनी बात से पलट गए।
मजलिसे ओलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना कल्बे जव्वाद ने मीडिया को एक खत लिखकर निवेदन किया कि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से उनकी मुलाकात का मतलब यह कतई न निकाला जाए कि उन्होंने भाजपा का समर्थन किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि तमाम राजनैतिक दलों के नेताओं से उनकी मुलाकात होती है, जिसमें उनसे मुसलमानों की समस्याओं पर ही विचार विमर्श हुआ। उन्होंने यह बात धर्मगुरुओं की एक बैठक में कहा।
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'कांग्रेस के शासन में हुए 60 हजार फसाद'
इस बैठक में मजलिसे ओलमा ने इस एलान का समर्थन किया कि काग्रेस पार्टी द्वारा मुसलमानों की दोषी होने के कारण कांग्रेस का बहिष्कार जारी रहेगा।
बैठक में कहा गया कि देश की आजादी के बाद से कांग्रेस के शासनकाल में 60 हजार से भी ज्यादा फसाद हुए, लेकिन न किसी फसादी को सजा मिली और न ही किसी पुलिस वाले को।
बैठक में धर्मगुरुओं ने मेरठ के हाशिमपुरा के फसाद पर बात करते हुए भी कांग्रेस को कोसा। कहा गया कि मुसलमानों का पीएसी के हाथों कत्लेआम को भला कैसे भूला जा सकता है।
धर्मगुरुओं ने आरोप लगाया कि इस कत्लेआम में कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरबहाद़ुर सिंह का पूरा हाथ था। उन्होंने कहा, 'क्या हम यह भूल सकते हैं कि जमशेदनगर के फसाद के दौरान पुलिस अभिरक्षा में औरतों और बच्चों से भरी बस में आग लगा दी गई।'
बाबरी मस्जिद के लिए भी कांग्रेस दोषी
धर्मगुरुओं की इस बैठक में अयोध्या की बाबरी मस्जिद का ताला खुलवाकर उसकी शहादत की बुनियाद डालने की जिम्मेदारी भी कांग्रेस पर ही डाली गई।
मौलाना ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के शासन में ही धारा-341 पास की गई, जिसके तहत दलितों के द्वारा इस्लाम धर्म अपनाए जाने पर सभी सुविधाएं वापस ले ली गईं।
बैठक में यह भी कहा गया कि दिल्ली स्थित करबला, जोरबाग में गैरकानूनी तिजारत को कांग्रेस के नेता अहमद पटेल का संरक्षण प्राप्त है।
दक्षिणी दिल्ली स्थित महरौली में पांच मस्जिदों को शहीद किए जाने की जिम्मेदार भी कांग्रेस ही है। जब वहां 700 साल पुरानी गौसिया मस्जिद शहीद की जा रही थी, तो मौलाना कल्बे जव्वाद व अन्य धर्मगुरुओं ने उसे रुकवाया।
दंगों के लिए भी कांग्रेस जिम्मेदार
मौलाना कल्बे जव्वाद के घर पर आयोजित इस बैठक में यह भी कहा गया कि वे नरेंद्र मोदी के विरोधी हैं, लेकिन राजीव गांधी फाउंडेशन के द्वारा नरेंद्र मोदी की सरकार को बेहतरीन सरकार का अवॉर्ड दिया गया।
इस फाउंडेशन की सदस्या श्रीमती सोनिया गांधी भी हैं। गुजरात में 2002 में हुए सांप्रदायिक दंगे के बाद केंद्र सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि अवॉर्ड दे दिए गए।
लखनऊ में शिया, सुन्नी दंगे की बुनियाद रखने के लिए भी कांग्रेस को ही जिम्मेदार बताया गया।
बैठक के अंत में बताया गया कि विभिन्न धर्मगुरुओं के साथ बैठक के साथ बैठक के बाद ही जनता तय करेगी कि उसे किस पार्टी को वोट देना है।
राजनाथ सिंह भले ही मुस्लिमों से खुलकर अपने लिए वोट न मांग रहे हों, लेकिन उनके धर्मगुरुओं से मिलकर उन्होंने दुआ मांगने को जरूर कहा।
राजनाथ सिंह, महापौर दिनेश शर्मा व लालजी टंडन सोमवार को मौलाना कल्बे जव्वाद से मिलने उनके आवास पहुंचे। राजनाथ्ा ने मौलाना से दुआ करने की गुजारिश की वहीं मौलाना ने कहा कि हमारी दुआएं सब के साथ हैं।
मौलाना कल्बे जव्वाद के आवास पर भाजपा प्रत्याशी राजनाथ सिंह से मुलाकात कर मौलाना ने वक्फ संपत्तियों के मामलों के साथ दिल्ली में शाहे मरदां जोरबाग करबला के बारे में चर्चा की।
साथ ही मौलाना ने कहा कि वक्फ बोर्ड को सुन्नी वक्फ में मर्ज करने की कोशिश व गठन न होने से काफी शिया वक्फ को नुकसान हो रहा है। इस पर भाजपा नेताओं ने मौलाना को आश्वासन देते हुए कहा कि वे वक्फ संपत्तियों के लिए ठोस कदम उठाएंगे।