जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को नाटक बताते हुए कहा कि केंद्र ने सैकड़ों प्रोजेक्ट्स को बिना सोच-विचार किए पर्यावरणीय क्लीयरेंस दे दी, जिससे साफ हवा का संकट पैदा होगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ बोल रही है। काम बिल्कुल भी नहीं कर रही है। बरसों पुरानी विदेश नीति की दिशा तक बदल दी है। रक्षा, रेलवे और बीमा क्षेत्र में एफडीआई लाने की यूपीए सरकार की नीति को ही यह सरकार भी आगे बढ़ा रही है।
यादव ने सभी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारने की वकालत की है। यादव ने कहा कि सरकार को अपनी पहचान काम से बनानी चाहिए, लेकिन एनडीए सरकार सिर्फ प्रचार ही कर रही है।
युवा घरों में बेरोजगार बैठे हैं और सिविल सर्विसेज में भारतीय भाषाओं को किनारे लगाया जा रहा है। साझा सरकार होने की वजह से कांग्रेस चाहने के बावजूद रक्षा, रेलवे और बीमा क्षेत्र में एफडीआई नहीं ला पाई थी, वहीं पूर्ण बहुमत की मोदी सरकार उन्हीं नीतियों को आगे बढ़ा रही है।
मीडिया को भी नहीं बख्शा
शरद यादव ने कहा कि महात्मा गांधी के समय से भारत का झुकाव इजरायल के बजाय फलस्तीन की ओर रहा है। लेकिन मोदी सरकार ने इस नीति को पलटते हुए इजरायल के साथ जाने का फैसला किया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सभी जातियों के सफाई कर्मचारी सिर्फ कागजों में ही हैं, हकीकत में सिर्फ वाल्मीकि जाति के लोग ही सफाई कर रहे हैं। दूसरी जाति के सफाई कर्मचारी उन्हें एवजी में रख लेते हैं। शरद ने कहा, ठेके पर कर्मचारी रखने की प्रथा को खत्म करने के लिए यह सरकार कुछ भी नहीं कर रही है। केंद्र सरकार के तमाशे को मीडिया भी दिन भर दिखाने से बाज नहीं आ रहा है। मीडिया असली मुद्दों से भटक गया है।
उन्होंने एम्स, दिल्ली के संजीव चतुर्वेदी को ईमानदार अधिकारी बताते हुए हटाए जाने की आलोचना की। जदयू अध्यक्ष ने कहा कि मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों से लाउडस्पीकर उतारे जाने चाहिए। इससे ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है। साथ ही शोर के मारे आसपास के लोगों का जीना दूभर हो जाता है।
शरद यादव ने कहा कि भविष्य में दृढ़ इच्छाशक्ति वाली सरकार बनी तो यह काम जरूर करके दिखा देगी। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के अनुयायियों को शांति से पूजा करनी चाहिए। उन्होंने 11 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाले जदयू के प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील भी की। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष सुरेश भैया निरंजन, मीडिया प्रभारी सुभाष पाठक भी मौजूद रहे।
चुनाव बाद महंगी हो जाएगी रसोई गैस और दवाएं
जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका जाने से पहले नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी को जीवन रक्षक दवाओं के दामों पर नियंत्रण रखने संबंधी आदेश वापस लेने को कहा था।
इससे 108 जीवन रक्षक दवाएं आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएंगी। इनमें एड्स, दमा, कैंसर, डायबिटीज, टीबी और दिल के रोगों की दवाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या 12 से घटाकर 9 करने का फैसला ले लिया है। प्राकृतिक गैस के दाम बढ़ाने की तैयारी भी कर ली गई है। हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव के बाद इन फैसलों को अमलीजामा पहना दिया जाएगा।