जेल के औचक निरीक्षण के दौरान सोमवार शाम को कारागार मंत्री ने दो बंदियों को जुर्माना भराकर रिहा कराया उधर निरीक्षण के दौरान टीनशेड के नीचे संचालित कंट्रोल रूम में कूलर जैसे ठंडक महसूस कर मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया चौंक पड़े।
पता चला कि अपहरण के आरोप में नौ साल से जेल में बंद अपराधी ने तपिश कम करने का फार्मूला तैयार किया था। औचक निरीक्षण के दौरान जेल मंत्री ने दो बंदियों का जुर्माना भरवाकर रिहा कराया और एक को पैरोल का आश्वासन दिया। बंदियों की समस्याएं सुनने के साथ ही दो टीमों के बीच हो रहा वॉलीबाल मैच देखा।
कारागार मंत्री का काफिला शाम पांच बजे जिला कारागार के गेट पर पहुंचा। जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्रा व डीसी मिश्रा ने अगवानी की। मंत्री ने अपनी टीम के साथ सर्किल नंबर-दो में जाकर बंदियों से मुलाकात की और समस्याएं सुनीं।
इसके बाद नवनिर्मित कंट्रोल रूम पहुंचे। टीनशेड के नीचे संचालित कंट्रोलरूम में कूलर जैसी ठंडक महसूस होने पर चौंके मंत्री ने जेलकर्मियों से रहस्य पूछा। जेल अधीक्षक ने जानकारी दी कि अपहरण के आरोप में 2007 से जेल में बंद भाईलाल ने टीनशेड के नीचे तपिश कम करने का फार्मूला तैयार किया था।