केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य योजना में प्रदेश सरकार का लगभग 6000 करोड़ रुपये केंद्र के पास पड़ा है, जिसे वह ले नहीं रही है। प्रदेश सरकार अभी सिर्फ 1000 करोड़ रुपये ही ले पाई है।
राज्य सरकार को केंद्र पर धन न देने का आरोप लगाने के बजाय पहले दी गई रकम का उपयोग प्रमाण पत्र देकर बची रकम केंद्र से तुरंत लेनी चाहिए, जिससे प्रदेश के लोगों की स्वास्थय सेवाओं को और दुरुस्त किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यूपी और बिहार के बिना देश का सुधार नहीं हो सकता। दोनों राज्य इतने बड़े हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर आंकड़ों को प्रभावित कर देते हैं। नड्डा शुक्रवार को यहां निरालानगर में सरस्वती शिशु मंदिर के माधव सभागार में लखनऊ महानगर की तिरंगा यात्रा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो साल के कार्यकाल में देश ने हर तरह से काफी तरक्की की है। मोदी ने दुनिया को एहसास करा दिया है कि भारत को भरोसा में लिए बिना विश्वस्तरीय राजनीति नहीं की जा सकती। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए काफी काम किए हैं।
हर मेडिकल कॉलेज से जुड़ेंगे 50 जिला अस्पताल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लोगों के स्वास्थ्य की सुविधाओं के लिए सजग है। डॉक्टरों को कचहरी में गवाही के लिए आए दिन जाना पड़ता है। इससे मरीजों को कठिनाई होती है।
केंद्र सरकार व्यवस्था कर रही है कि डॉक्टरों को कचहरी न जाना पड़े। उनकी तैनाती वाले चिकित्सालय से ही ऑनलाइन गवाही हो जाए। देश में मेडिकल कॉलेजों का विस्तार करने के साथ एम्स व अन्य विशिष्ट चिकित्सा केंद्र खोले जा रहे हैं। देश के हर मेडिकल कॉलेज से 50 जिला अस्पतालों को जोड़ने का फैसला किया गया है।
इंसेफलाइटिस से बचाने को टीका
नड्डा ने कहा कि गोरखपुर क्षेत्र में इंसेफलाइटिस के प्रकोप को देखते हुए वहां के लिए टीकाकरण अभियान के लिए दवाइयों के साथ अन्य व्यवस्थाएं मुहैया कराई गई हैं। वहां एम्स की आधारशिला रखी ही जा चुकी है। वहां के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में इंसेफलाइटिस के लिए विशेष विभाग खुलवाया गया है।
शिशु मृत्यु दर घटाने के प्रयास
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नड्डा ने कहा कि शिशु मृत्यु दर घटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोशिश है कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से न छूटे। डायरिया से देश में हर साल एक लाख बच्चों की मौत हो जाती थी।
इसे रोकने के लिए टीका के साथ दवाइयां पिलाने का अभियान चलाया गया है। इसी तरह पेट में कीड़ा के कारण 20-30 लाख बच्चे स्कूल जाना छोड़ देते थे। इसे देखते हुए बच्चों को दवाई देने का अभियान शुरू किया गया है।
देश में 21 करोड़ बच्चों को दवा देने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम को पूर्व सांसद लालजी टंडन व महानगर भाजपा अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने भी संबोधित किया।