उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मिजोरम के राज्यपाल रह चुके वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डॉ. अजीज कुरैशी के तेवर शुक्रवार को बदले-बदले नजर आए। भाजपा को हमेशा निशाने पर रखने वाले पूर्व राज्यपाल ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की खूब तारीफ की।
उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह सेकुलर विचारों वाले नेता हैं। मुसलमानों को अपनी समस्याओं के लिए राजनाथ सिंह से बात करनी चाहिए। उन्होंने राजनाथ सिंह को अटल बिहारी वाजपेयी का सियासी वारिस भी बताया। कुरैशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ करते हुए कहा कि आजकल मोदी सेकुलर बातें कर रहे हैं। यह अच्छी बात है।
वीवीआईपी गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में कुरैशी ने कहा कि राज्यसभा की 57 सीटों के लिए पिछले दिनों हुए चुनाव में कांग्रेस व सपा ने एक भी मुस्लिम नेता को टिकट नहीं दिया।
वहीं, भाजपा ने दो मुसलमानों को राज्यसभा भेजकर कांग्रेस व सपा के चेहरों पर कालिख मल दी है। कांग्रेस व सपा ने ऐसा अपराध किया है कि इन्हें कठघरे में खड़े होकर आने वाली नस्लों को जवाब देना होगा।
पूंजीपति और अपराध जगत से जुड़े लोग पहुंच रहे संसद में
कुरैशी ने कहा कि सबसे अधिक खेद की बात यह है कि राज्यसभा की 57 सीटों से चुनकर पहुंचे 94 प्रतिशत लोग करोड़पति व अरबपति हैं। इनमें काफी अधिक संख्या अपराध जगत से जुड़े लोगों की है। इनके खिलाफ आम आदमी को बगावत करनी चाहिए। मैं खुद इनके खिलाफ संघर्ष करूंगा। संसद में गरीब, किसान व मजदूरों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
ओवैसी ने मुस्लिमों को बांटा
कुरैशी ने कहा कि एमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केवल मुसलमानों को बांटने का काम किया है। वे सेकुलर वोटों को बांट रहे हैं। बिहार में भी ओवैसी ने खूब नुकसान किया। ऐसे नेता कभी मुसलमानों के हितैषी नहीं हो सकते।
राहुल व अखिलेश से अंतिम आशा
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कुरैशी ने कहा कि यूं तो निराशा और मायूसी के इस दौर में राहुल गांधी व अखिलेश यादव अंतिम आशा के रूप में दिखाई देते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी सोनिया गांधी को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष रहना चाहिए। राहुल को अभी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए।
मुस्लिम धर्मगुरु न करें राजनीति
कुरैशी ने कहा कि मुस्लिम धर्मगुरु चाहे वे शिया हों या सुन्नी या फिर बरेलवी हों या देवबंदी, सभी को राजनीति से दूर रहना चाहिए। धर्मगुरुओं को केवल धर्म से जुड़ी बातें करनी चाहिए। उन्हें समाज को आपसी भाईचारा बनाकर रहने की सलाह देनी चाहिए।
मुस्लिमों को चाहिए आबादी के हिसाब से नौकरी
पूर्व राज्यपाल ने कहा कि मुस्लिमों को केवल तृतीय श्रेणी व चतुर्थ श्रेणी के पदों में आबादी के हिसाब से नौकरी चाहिए, लेकिन राजनीतिक दल मुस्लिमों का इस्तेमाल वोट बैंक की तरह करते हैं। केवल कांग्रेस ने ही मुसलमानों को सम्मान दिया है।