आयकर विभाग ने बुधवार को उत्तर प्रदेश की एक रियल एस्टेट कंपनी के कानपुर, लखनऊ, दिल्ली समेत चार शहरों में 32 ठिकानों पर छापा मारा। घनाराम समूह के खिलाफ कार्रवाई में सौ से ज्यादा अफसरों की टीमें शामिल थीं। समूह से ही जुड़े झांसी के पांच बिल्डरों के यहां भी कार्रवाई की गई। कंपनी का रियल एस्टेट के अलावा बांध निर्माण-मरम्मत का बड़ा काम है। इसके अलावा यह झांसी में एक मॉल भी बना रही है।
आयकर विभाग के अफसरों ने सुबह घनाराम ग्रुप के निदेशक बिशन सिंह, उनके भाई श्याम सुंदर के झांसी स्थित आवास, कार्यालयों के अलावा यहीं पर बिल्डर विजय सरावगी, वीरेंद्र राय, संजय अरोड़ा, शिवा सोनी, मयंक गर्ग के कार्यालयों, आवास व अन्य प्रतिष्ठानों समेत 25 जगहों पर जांच शुरू की।
इसके साथ ही दिल्ली के तीन प्रतिष्ठानों, लखनऊ के तीन और कानपुर में नवशील धाम अपार्टमेंट निवासी घनाराम ग्रुप के पूर्व पार्टनर बिल्डर राकेश यादव के आवास पर भी कार्रवाई की। श्याम सुंदर सपा के एमएलसी रह चुके हैं। सूत्रों के अनुसार कंपनी के खर्चे ज्यादा दिखाए जा रहे हैं। जमीनों की खरीद-फरोख्त और फ्लैटों की बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की जा रही है। जांच-पड़ताल के दौरान बड़े पैमाने पर दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए गए हैं। देर रात तक जांच-पड़ताल चलती रही।
लखनऊ में जमीन के दस्तावेज सीज
आयकर विभाग की टीम ने लखनऊ में छापेमारी के दौरान जमीन खरीद-फरोख्त के दस्तावेज सीज किए। यह कार्रवाई हजरतगंज के मीराबाई मार्ग स्थित गौरी अपार्टमेंट व श्याम सुंदर यादव के गोमतीनगर स्थित आवास पर हुई। गौरी अपार्टमेंट में रियल एस्टेट कंपनी का कार्यालय है। टीम ने करीब आठ घंटे तक जांच की। कार्यालय में करोड़ों रुपये की जमीन की खरीद के दस्तावेज मिले। वहीं, आवास से नकदी मिलने की बात भी सामने आई है। ब्यूरो