राजधानी में आवास विकास परिषद की प्रस्तावित समाजवादी आवास योजना में करीब 1000 करोड़ रुपये का खेल हो रहा है। परिषद के इंजीनियर्स एसोसिएशन ने यह आरोप लगाया है। उसका कहना है कि इसमें बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों को अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है।
शीयर वाल तकनीक का इस्तेमाल करने के नाम पर पूरे 7000 फ्लैटों की निर्माण लागत गाजियाबाद में जीडीए की ओर से तय की गई 1800 रुपये प्रति वर्ग फीट से करीब 700 रुपये ज्यादा कर दी गई है। ऐसे में भविष्य में यह बोझ सीधे आवंटियों पर पड़ेगा।
एसोसिएशन ने कमिश्नर से भी शिकायत की है। हालांकि इसके बाद परिषद के इंजीनियरिंग विभाग ने एक कमेटी बनाकर मामले की जांच कराके खुद को पाक-साफ बता दिया। परिषद का कहना है कि लोगों को बेहतर गुणवत्ता के फ्लैट मिल सकें, इसलिए लागत बढ़ाई गई है।
इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव ज्ञानेश्वर प्रसाद ने आयुक्त शहाबुद्दीन मोहम्मद को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि 7000 फ्लैटों के निर्माण के लिए एलएंडटी, शापूरजी पल्लोनजी और एनएनसी को निविदा दी गई है। इनसे 2525 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से करार किया गया है। जबकि, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण अधिकतम 1880 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से फ्लैटों का निर्माण करवा रहा है।