सबसे चौंकाने वाला मामला अजीत कुमार यादव का है। अजीत को 1 सिंतबर, 2012 को कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक और इसी दिन वरिष्ठ सहायक से प्रधान सहायक के पद पर प्रोन्नति दे दी गई। एक ही आदेश में दोनों पदों पर प्रमोशन देने के साथ ही 4200 का ग्रेड वेतन और 9300-34800 का वेतन बैंड स्वीकृत कर दिया गया और किसी अफसर ने कुछ नहीं कहा।
कुलदीप सिंह, गिरीश चंद्र डिमरी, राजेश काके, नीलम शुक्ला और सरिता सिंह को भी मनमाने तरीके से प्रमोशन दिया गया। इससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।