गुजरात में बनने वाली स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के लिए लोहा एकत्र करने का अभियान जनवरी में तीन चरणों में चलेगा।
पहले चरण में एक से पांच जनवरी तक सभी जिला मुख्यालयों के नजदीकी ब्लॉकों से लौहे के औजार एकत्र किए जाएंगे।
यह जानकारी लौह संग्रह सहयोग समिति के प्रदेश संयोजक ओम प्रकाश सिंह ने दी।
उन्होंने कहा कि जनता ने किसान आंदोलन के समय वल्लभ भाई पटेल को सरदार की उपाधि दी थी। पटेल की स्टेच्यू ऑफ यूनिटी विश्व की ऐसी पहली मूर्ति होगी जो देश के लोगों के सहयोग से बनाई जा रही है।
इसमें प्रदेश की 51914 ग्राम पंचायतों से कृषि कार्य में उपयोग किए गए लोहे के औजार इकट्ठे किए जाएंगे। अभियान से जुड़ी सामग्री ग्राम प्रधानों तक पहुंच चुकी है।
पंचायत प्रतिनिधियों के फोटो, गांवों की मिट्टी, कृषि कार्य में उपयोग हुए औजार और हस्ताक्षरयुक्त सुराज पट्टिका वापस गुजरात भेजनी है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में एक से पांच जनवरी तक 75 जिला मुख्यालयों के निकटवर्ती ब्लॉकों में लोहा एकत्र किया जाएगा।
दूसरा चरण पांच जनवरी से सभी 861 ब्लॉकों के प्रत्येक गांव में चलेगा। 26 जनवरी से तीसरे चरण में शहरों में लोहा और मिट्टी तो एकत्र नहीं की जाएगी लेकिन पट्टिका पर प्रत्येक वार्ड में हस्ताक्षर लिए जाएंगे।
पूरे अभियान के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण का काम पूरा हो गया है। 31 दिसंबर तक मंडलों में प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा।
गांवों में लोहा एकत्र करने के कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान या कोई प्रतिष्ठित किसान करेगा। इसमें एक वक्ता सरदार पटेल के व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर तथा दूसरा मूर्ति निर्माण के बारे में जानकारी देगा।