प्रदेश में नई औद्योगिक एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति को निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया है। इसी का नतीजा है कि योगी सरकार को सिर्फ सात माह में (अक्तूबर तक )करीब 9,309 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिल चुके हैं। कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने यहां निवेश में रुचि दिखाई है। इनके जमीन पर उतरने से 54 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।
सत्ता में आने के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के लिए निवेश जुटाने पर लगातार जोर दे रहे हैं। नई निवेश नीति में नए रोजगार का सृजन व पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों, वंचितों को अवसर देने का एलान सबसे खास पहल रही।
अधिकारी बताते हैं कि नई नीति को निवेशकों से बहुत अच्छा रिस्पांस मिला है। जिसका असर अब दिखने लगा है। एक अप्रैल से अक्तूबर तक 40 से ज्यादा कंपनियों ने प्रदेश में निवेश के लिए सरकार से संपर्क किया है। इन्होंने 43 प्रोजेक्ट लगाने का प्रस्ताव दिया।
निवेशकों में आईटी, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, शुगर मिल, वस्त्र, रिन्यूवल एनर्जी, हाईजीन, फ्यूल, कृषि सहित तमाम क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव हैं। निवेशकों ने पश्चिमी यूपी के अलावा दूसरे जिलों में भी निवेश के प्रति रुचि दिखाई है। सीतापुर, हरदोई, गोरखपुर, बाराबंकी, मिर्जापुर, हापुड़, गोंडा, अलीगढ़, उन्नाव व रायबरेली जैसे जिलों में भी निवेश के प्रस्ताव हैं।