फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गए तो थे पासपोर्ट बनवाने, बैठ गई जांच: गंभीर धाराओं में मुकदमें के बावजूद मिले पांच प्रमोशन

Mon, 04 Apr 2022 03:13 PM IST
ishwar ashish अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ

सार

पासपोर्ट के लिए शासन ने पीडब्ल्यूडी विभागाध्यक्ष को एनओसी नहीं दी। उनके खिलाफ 420 समेत कई गंभीर धाराओं में विजिलेंस जांच चल रही थी। अब उनके पांच प्रमोशन की भी जांच होगी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष राकेश सक्सेना को पासपोर्ट बनवाने के लिए शासन ने एनओसी देने से इनकार कर दिया है। इसकी वजह उनके खिलाफ 420 समेत कई गंभीर धाराओं में चल रही विजिलेंस जांच बताई गई है। इतनी गंभीर जांच के दौरान ही उन्हें मिले कई प्रमोशन पर भी सवाल उठने लगे हैं। शासन ने प्रमोशन संबंधी उनकी पुरानी पत्रावलियों की जांच कराने का निर्णय लिया है।

विज्ञापन


पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष राकेश सक्सेना ने पासपोर्ट बनवाने के लिए शासन से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करने का अनुरोध किया था। शासन की एनओसी मिलने पर ही उनका पासपोर्ट बन सकता है। शासन ने जवाब में कहा है कि सक्सेना जब मथुरा में तत्कालीन सहायक अभियंता (एई) थे, उस समय उनके खिलाफ खुली सतर्कता जांच हुई थी।

इसमें तमाम अनियमितताओं के चलते भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 के तहत मुकदमा दर्ज है। धारा 409, 420, 467, 468, 471 और 120 बी (आईपीसी) और धारा-10(1) सी व डी सपठित धारा-13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमे में सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) से जांच कराई जा रही है। इसके चलते पासपोर्ट के लिए एनओसी देना संभव नहीं है।
विज्ञापन


जांच के दौरान पांच प्रमोशन
विजिलेंस जांच के दौरान सक्सेना को अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता स्तर-2, मुख्य अभियंता स्तर-1 और प्रमुख अभियंता पद पर एक के बाद एक पांच प्रमोशन मिले। इतनी गंभीर जांच के बावजूद उन्हें मिली पदोन्नतियों पर सवाल भी उठ रहे हैं।

विज्ञापन

पदोन्नति के अभिलेखों का होगा परीक्षण

विजिलेंस जांच के दौरान भी पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष राकेश सक्सेना को एक के बाद एक प्रमोशन कैसे मिल गए, इसकी जांच होगी। प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि राकेश सक्सेना के खिलाफ एई के समय का प्रकरण लंबित है, तो इतने प्रमोशन कैसे मिले, इसके लिए प्रत्येक पदोन्नति से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण कराया जाएगा। उसके बाद ही कुछ बता पाने की स्थिति में होऊंगा।

वहीं, विभागाध्यक्ष राकेश सक्सेना का कहना है कि उनके खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच 9 फरवरी को ही समाप्त हो चुकी है। केस खत्म करने की सिफारिश 2018 में ही दी जा चुकी है। इस संवाददाता के यह पूछने पर केस खत्म करने की सिफारिश किसने की, राकेश सक्सेना का कहना था कि इसका जवाब शासन स्तर से ही मिल सकता है। क्या जांच समाप्त होने के बाद आपने पुन: पासपोर्ट के लिए एनओसी मांगी? इस पर सक्सेना का कहना है कि उसके बाद मैंने पासपोर्ट के लिए एनओसी नहीं चाही।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें