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सीएम योगी से अधूरी एएलएस एंबुलेंस का उद्घाटन कराने की जांच शुरू

Sun, 16 Apr 2017 01:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस - फोटो : amar ujala
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यूपी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्यमंत्री से अधूरी एएलएस एंबुलेंस का उद्घाटन कराने के मामले को गंभीरता से लिया है। इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सभी जिलों के सीएमओ को अपने-अपने यहां एएलएस एंबुलेंस की जांच करने के लिए कहा गया है।
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बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 150 एएलएस एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर जिलों को रवाना की थीं। उद्घाटन के एक दिन बाद ही काफी संख्या में एएलएस एंबुलेंस गैराज पहुंच गईं। दरअसल, अधिकारियों व एंबुलेंस संचालन करने वाली कंपनी जीवीके-ईएमआरआई की मिलीभगत से आधी-अधूरी तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री से इन एंबुलेंस का उद्घाटन करा दिया गया।

यह समाचार छपने के बाद सरकार हरकत में आई और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कंपनी के अधिकारियों को तलब किया। इनसे इस लापरवाही पर जवाब मांगा गया है।

सभी जिलों के सीएमओ को दिए जांच के आदेश

- फोटो : amar ujala
निदेशक एनएचएम आलोक कुमार ने सभी जिलों के सीएमओ को इन एंबुलेंस की जांच के आदेश दिए हैं। सीएमओ यह रिपोर्ट देंगे कि एंबुलेंस में मानक के अनुसार उपकरण लगे हैं या नहीं। ये उपकरण क्रियाशील हैं या नहीं, इस पर भी उन्हें रिपोर्ट देनी है।

आलोक कुमार ने कहा कि सीएमओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ की जांच रिपोर्ट के बाद ही कंपनी को एएलएस एंबुलेंस के संचालन का पैसा दिया जाएगा।

कंपनी ने 11 एंबुलेंस खराब होने की बात स्वीकारी
आलोक कुमार ने बताया कि जीवीके-ईएमआरआई ने केवल 11 एएलएस एंबुलेंस में तकनीकी खराबी आने की बात स्वीकारी है। इस पर कंपनी से पूछा गया है कि उद्घाटन के अगले ही दिन एंबुलेंस कैसे खराब हो गईं। साथ ही लापरवाही के लिए चेतावनी भी दी गई है।
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तीसरे दिन सूबे में दो मरीजों को पहुंचाया अस्पताल

- फोटो : amar ujala
एएलएस एंबुलेंस की तैयारियों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उद्घाटन के तीसरे दिन यानी शनिवार को केवल दो मरीजों को ही इनसे अस्पताल पहुंचाया गया। पहले दो दिन पूरे सूबे में 150 एंबुलेंस से एक भी मरीज को अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। शनिवार को पहला केस मैनपुरी से आया।

वहां एक युवती को मैनपुरी जिला अस्पताल से सैफई अस्पताल पहुंचाया गया। दूसरा केस बहराइच का आया। यहां भी मरीज को बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जितेंद्र वालिया का कहना है कि 90 प्रतिशत जिलों में एंबुलेंस पहुंचने की सीएमओ से रिसीविंग आ गई है। बचे जिलों से रिसीविंग सोमवार को आ जाएगी।

उन्होंने बताया कि यह डिमांड बेस एंबुलेंस सर्विस है। जब मांग आएगी तभी यह एंबुलेंस भेजी जाएगी।
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