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जांच में दोषी पाए गए इंस्पेक्टर महेश दुबे निलंबित

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लखनऊ। खनन ठेकेदार और उसके साथी के विधान भवन के सामने आत्मदाह के प्रयास मामले में मंगलवार को लाइन हाजिर किए गए मोहनलालगंज इंस्पेक्टर महेश दुबे को पुलिस कमिश्नर ने निलंबित कर दिया है। एडीसीपी दक्षिणी की जांच में उन्हें दोषी पाया गया है।
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खनन ठेकेदार शिवमंगल सिंह और उसके साथी हरिराम ने इंस्पेक्टर महेश दुबे पर डंपर और पोकलैंड मशीन को सीज करने की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजने के बदले में रुपये मांगने का आरोप लगाया था। दोनाें ने मंगलवार को विधान भवन केसामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। इस मामले में घटना के तत्काल बाद ही इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया गया था।
मूलरूप से प्रयागराज गणेशीपुर हड़िया निवासी शिव मिलन सिंह खनन ठेकेदार हैं। उनके साथ जोधपुर राजस्थान का हरिराम भी काम करता है। दोनाें ने मंगलवार को विधान भवन केसामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। हजरतगंज पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। उनको सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पुलिस ने सिविल अस्पताल में दोनों से पूछताछ की। ठेकेदार का आरोप है कि मोहनलालगंज पुलिस ने चार दिसंबर की देर रात अवैध खनन के आरोप में ठेकेदार के तीन डंपर व एक पोकलैंड मशीन सीज कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, इसकी रिपोर्ट खनन विभाग को भेजी गई है। लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने उनके डंपर व पोकलैंड मशीन को सीज कर दिया। इसकी शिकायत एडीसीपी दक्षिणी राजेश श्रीवास्तव, डीसीपी गोपाल कृष्ण चौधरी से भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की मनमानी से परेशान होेकर आत्मदाह करने के लिए मजबूर हुए हैं।
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पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के मुताबिक विधान भवन के सामने मंगलवार दोपहर को खनन ठेकेदार शिव मिलन सिंह अपने साथी हरिराम के संग आत्मदाह का प्रयास किया। दोनों ने शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की थी। पहले से मौजूद पुलिस बल ने दोनों को आत्मदाह करने से पहले ही पकड़ लिया था। दोनों ने पूछताछ में इंस्पेक्टर मोहनलालगंज महेश कुमार दुबे पर खनन के चलते सीज डंपर और पोकलैंड मशीन की रिपोर्ट एडीएम एफआर को भेजने के एवज में तीन लाख रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगा था। इस मामले में मंगलवार को ही पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर इंस्पेक्टर मोहनलालगंज को लाइन हाजिर कर दिया था। वहीं डीसीपी साउथ गोपाल चौधरी ने भी इस मामले में मोहनलालगंज कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबिल रईस और सिपाही योगेश मावी को लाइन हाजिर कर दिया था। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक इस मामले में अब तक की गई जांच में इंस्पेक्टर की भूमिका इस मामले में सही नहीं मिली है। इसी को देखते हुए उन्होंने बुधवार को इंस्पेक्टर मोहनलालगंज महेश दुबे को निलंबित कर दिया है।
इंस्पेक्टर ने सीज ही नहीं किए थे वाहन
अवैध खनन के आरोप में पकड़े गए तीन डंपर व एक पोकलैंड मशीन को सीज करने का दावा करने वाले तत्कालीन मोहनलालगंज इंस्पेक्टर महेश दुबे की पोल जांच में खुल गई। चारों वाहनों को इंस्पेक्टर ने सीज ही नहीं किया। सिर्फ जीडी (दैनिक रोजनामाचा) में दाखिला किया था। इसके बाद ठेकेदार व उसकेसाथी ने छोड़ने की बात की तो दबाव बनाने लगे। जब पीड़ितों ने वाहन सीज करने की रिपोर्ट एडीएम को भेजने की बात कही तो इसके लिए भी रुपये की मांग की। बुधवार देर शाम चारों वाहनों को पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर छोड़ दिया गया है।
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