लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक मां की गुहार पर उसके अबोध बच्चे को पिता से मुक्त करवाकर कोर्ट में पेश करने का आदेश अलीगंज थाने के एसएचओ को दिया है। कोर्ट ने कहा कि एसएचओ टीम बनाकर धनबाद, झारखंड से बच्चे की बरामदगी की कार्रवाई तत्परता से करें, जिससे बच्चे को 20 दिसंबर को कोर्ट में पेश किया जा सके। साथ ही धनबाद के पुलिस अधीक्षक को इस आदेश की प्रति भेजने का निर्देश सीनियर रजिस्ट्रार को दिया है।
न्यायमूर्ति विकास कुंवर श्रीवास्तव ने यह आदेश बच्चे की तरफ से मां द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है। मां का कहना था कि पारिवारिक विवाद की वजह से उसके पति उसे परेशान करते थे और अलग रहने लगे। 6 जून 2020 को समझौते की बात कहकर पति उसके घर लखनऊ आए और अगली सुबह बच्चे को घुमाने के बहाने साथ लेकर धनबाद चले गए।