विमान जैसा अधिक किराया लेकर भी रेलवे की प्रीमियम ट्रेन में दाल में कॉकरोच और सब्जी में कीड़ा मिल रहा है।
रविवार को जम्मूतवी-गोरखपुर प्रीमियम ट्रेन में इस खाने को खाकर आधा दर्जन यात्रियों की तबियत बिगड़ गई।
शिकायत करने पर रसोईयान के ठेकेदार और कर्मचारियों ने यात्रियों से अभद्रता की।
जबकि ट्रेन के लखनऊ पहुंचने पर रेलवे के डॉक्टर ने बीमार यात्रियों का उपचार किया। लखनऊ में रेलवे ने खाने की सैंपलिंग कराई।
ट्रेन में दिया गया बासी खाना
ट्रेन नंबर (02530) जम्मूतवी-गोरखपुर प्रीमियम ट्रेन के यात्रियों को दोपहर एक बजे खाना परोसा गया था। इस ट्रेन की बी-1 के यात्रियों के खाने में दाल में कॉकरोच, सब्जी में कीड़ा, और चावल में पत्थर निकला।
यात्रियों को बासी रोटी तक दे दी गई। इस खाने को खाकर यात्री जेपी वर्मा, प्रमोद कुमार सोनी, संजय यादव और संजय निगम सहित आधा दर्जन यात्रियों को उल्टियां होने लगी।
यात्रियों ने खाना फेंक दिया और इसकी शिकायत रसोईयान के प्रबंधक से की। रसोई यान के प्रबंधक ने अपनी गलती स्वीकार करने की जगह उल्टा यात्रियों पर बहाना करने का आरोप लगा दिया।
आगे नहीं दिया गया नाश्ता और खाना
यात्रियों के बीमार होने की सूचना ट्रेन के टीटीई ने कंट्रोल रूम को दी। सूचना पाकर लखनऊ में रेलवे के डॉक्टर ने बीमार यात्रियों का उपचार दिया।
जबकि ट्रेन के खाने की सैंपलिंग रेलवे के मेडिकल अनुभाग के अधिकारियों ने की।
ट्रेन के लखनऊ से छूटने के बावजूद यात्रियों को आगे नाश्ता और खाना नहीं मिला। गोंडा में भी रात 9:50 बजे रेलवे खाने की सैंपलिंग कर रहा था।