जेवर में बन रहे अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से नवंबर 2023 से उड़ानें शुरू हो जाएंगी। इसके साथ ही यमुना एक्सप्रेस-वे पर हेरिटेज जोन, टूरिज्म सर्किट, मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया जाएगा। यह जानकारी औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने दावा किया कि पहली इन्वेस्टर्स समिट के 48707 करोड़ रुपये के 156 एमओयू जमीन पर उतर गए हैं। 53955 करोड़ रुपये के 174 एमओयू पर तेजी से काम चल रहा है।
महाना ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस-वे निकट 5,000 हेक्टेयर में विकसित किया जाने वाला जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पहले फरवरी 2024 तक प्रारंभ किया जाना था लेकिन अब यहां से अक्तूबर-नवंबर 2023 में उड़ानें शुरू हो जाएंगी। जेवर एयरपोर्ट से लगभग 6 किमी दूर यीडा क्षेत्र के सेक्टर-21 में 1,000 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फिल्म सिटी प्रस्तावित है। सेक्टर 28 में 350 एकड़ में डेडिकेटेड मेडिकल डिवाइस पार्क प्रस्तावित है। इसकी डीपीआर के लिए कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ टेक्नोलॉजी के साथ एमओयू किया गया है।
महाना ने बताया कि राज्य के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों ने 9,700 करोड़ रुपये के निवेश और 1.96 लाख रोजगार सृजन की संभावना वाली परियोजनाओं के लिए 1097 भूखंडों के माध्यम से 740 एकड़ भूमि निवेशकों को आवंटित की है। 971 भूखंड के लिए 566 एकड़ भूमि का आवंटन केवल यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने ही किया है।
2018 के एमओयू के 7 प्रोजेक्ट प्रारंभ
महाना ने बताया कि कोविड-19 के बाद से यूपी इन्वेस्टर्स समिट-2018 में हस्ताक्षरित एमओयू में 8500 करोड़ रुपये के निवेश वाली 7 परियोजनाओं में वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ हो गया है। 6,400 करोड़ रुपये के निवेश की 19 परियोजनाएं संचालन के करीब हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में लंबी छलांग
भारत सरकार द्वारा हाल ही में घोषित बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान रैंकिंग में यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले 3 वर्षों में 12 स्थानों की अभूतपूर्व प्रगति करते हुए यूपी में देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में रिकॉर्ड 186 सुधारों को लागू किया गया है।
औद्योगिक पात्रता घटाई
महाना ने बताया कि बुंदेलखंड व पूर्वांचल में निजी औद्योगिक पात्रता सीमा 100 एकड़ से घटा कर 20 एकड़ कर दी गई है। पश्चिमांचल व मध्यांचल में 150 एकड़ से घटा कर 30 एकड़ और लॉजिस्टिक्स पार्कों के लिए पूरे प्रदेश में 50 एकड़ से घटा कर 25 एकड़ भूमि की आवश्यकता का प्रावधान कर दिया गया है।
20 हजार एकड़ का लैंड बैंक
महाना ने बताया कि प्रदेश में पहले से ही 20 हजार एकड़ का औद्योगिक भूमि बैंक उपलब्ध है। 2021 में 5,000 एकड़ के भूमि बैंक के विकास का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वदेशी व विदेशी निवेश प्रस्तावों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने ‘इन्वेस्ट यूपी’ में एक समर्पित हेल्प डेस्क स्थापित किया है।