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वियतनाम और कीनिया से भी पिछड़ी है भारत की शिक्षा व्यवस्था, पीसा की बैठक में बड़ा खुलासा

Fri, 23 Nov 2018 01:46 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर
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वर्ष 2009 में आयोजित प्रोग्राम फॉर इंटरनेशनल स्टूडेंट असेसमेंट (पीसा) की बैठक में 74 देशों ने प्रतिभाग किया था। पीसा की रैंकिंग में हमारा देश 72वें स्थान पर था जबकि वियतनाम और कीनिया जैसे देश 25 से 30वें स्थान पर थे। 
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सीबीएसई स्कूल अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। वर्ष 2021 में होने वाली पीसा की रैंकिंग में हमें आगे निकलना है। यह बातें सीबीएसई की चेयरमैन अनीता करवाल ने सहोदय के 24वें राष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।

बाबा साहब डॉ. भीम राव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में बृहस्पतिवार को आयोजित सहोदय सम्मेलन में देश भर के सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। 
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अनीता करवाल ने कहा कि इस बार से बोर्ड ने अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव किया है। अब बोर्ड का पूरा जोर शिक्षकों के प्रशिक्षण, उनके पढ़ाने के तरीकों और छात्रों के लर्निंग लेवल पर होगा। हमें अपने पढ़ाने और असेसमेंट के तरीकों में बदलाव लाना है।

क्लर्क तैयार कर रही है हमारी शिक्षण व्यवस्था

सीबीएसई की चेयरमैन अनीता करवाल ने कहा कि हमारी जो वर्तमान शिक्षण व्यवस्था है वह क्लर्क तैयार कर रही है। असल में यह शिक्षण व्यवस्था अंग्रेजों की देन है। उनकी सोच यह थी कि हम पढ़-लिखकर उनके शासन में नौकरी कर सकें। 

अब बदलाव का समय आ गया है। हमें इससे आगे निकलना होगा। सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि बोर्ड ने इस बार से अपने बायलॉज में बदलाव किया है। अब आधारिक संरचना के बजाय हम शैक्षिक संरचना पर ध्यान देंगे। छात्रों का लर्निंग लेवल बेहतर हो सके, इसलिए बोर्ड के सभी शिक्षकों के प्रशिक्षण को अनिवार्य कर दिया गया है।

इन पांच मापदंडों पर होगा शिक्षकों का प्रशिक्षण
- शिक्षक के पास विषय को लेकर कितना ज्ञान है और वह कितना कुशल है। 
- जो व पढ़ा रहा है क्या विद्यार्थियों को असानी से समझ में आ रहा है। 
- क्या कक्षा में प्रयोग कराए जाते हैं। कक्षाएं इंटरेक्टिव होनी चाहिए।
- क्या कक्षा उत्सुकता से भरी होती है। छात्र प्रश्न पूछते हैं कि नहीं। नवाचार आधारित पढ़ाई हो। - कक्षा का वातावरण स्वच्छंद होना चाहिए। किसी प्रकार का तनाव नहीं होना चाहिए।
 
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हर साल होगा शिक्षकों का प्रशिक्षण

सचिव ने कहा कि सीबीएसई शिक्षकों को हर साल प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऑनलाइन प्रशिक्षण की भी व्यवस्था होगी। शिक्षक सेल्फ ट्रेनिंग भी कर सकते हैं। सम्मेलन में शिक्षा व्यवस्था में तकनीक सहयोग पर पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया।

इस अवसर पर डायरेक्टर एकेडमिक जोसफ इमैनुअल, संयुक्त सचिव एकेडमिक पुष्कर वोहरा, क्षेत्रीय अधिकारी प्रयागराज, विपुल रेड्डी, लखनऊ सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स के चेयरमैन डॉ. जावेद आलम खान ने भी अपने विचार रखे। सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर विद्यार्थियों ने कथक और सुफी नृत्य पेश किया।
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