हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ने शुक्रवार को विश्व हिंदी दिवस पर निराला सभागार में गोष्ठी आयोजित की। इस मौके पर डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित ने हिंदी के वैश्विक प्रसार में गिरमिटिया मजदूरों की भूमिका की चर्चा की। कहा कि हिंदी का सर्वांगीण विकास आवश्यक है। उन्होंने मॉरीशस और सूरीनाम के प्रवासी भारतीयों के योगदान को सराहा।
डॉ. सुधाकर अदीब ने भारतीय संतों और कवियों के योगदान को रेखांकित किया। कहा कि हिंदी की वैश्विक स्वीकार्यता तकनीकी, शिक्षा और पत्रकारिता क्षेत्रों में बढ़ रही है। डॉ. कैलाश देवी सिंह ने हिंदी के प्रचार-प्रसार में प्रवासी लेखकों और साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। डॉ. सूर्यकांत ने भी चिकित्सा क्षेत्र में हिंदी के विस्तार की आवश्यकता पर बात की। निदेशक राज बहादुर ने संस्थान की ओर से संचालित योजनाओं और साहित्यकारों को दिए जाने वाले सम्मानों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन हिंदी संस्थान की प्रधान संपादक डॉ. अमिता दुबे ने किया।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ