शहर में लेसा के करीब 14 हजार ट्रांसफॉर्मर फुटपाथ, पार्क या नगर निगम की जमीन पर लगे है। हालांकि वह इनका किराया नगर निगम को नहीं देता, जबकि नगर निगम अन्य एजेंसियों से उसका पैसा लेता है। चाहें वह निजी व्यक्ति या कंपनी को फुटपाथ या पार्क में ट्रांसफॉर्मर लगाने या फोन कंपनी का टावर लगाने का मामला हो, मगर लेसा न तो अनुमति लेता है और न ही किराया देता है।
यह तब है जब स्ट्रीट लाइट का बिल कॉमर्शियल रेट से भी अधिक पर वसूल करता है। इन सबको देखते हुए अब लेसा से भी किराया वसूल किया जाएगा।
इसके लिए पूरे शहर में पार्क, फुटपाथ या निगम की जमीन पर लगे ट्रांसफार्मर का सर्वे होगा और यह कितनी जमीन पर लगे है, इसका ब्यौरा जुटाया जाएगा। इसके बाद लेसा से किराया वसूल किया जाएगा।
शहर में करीब तीन हजार भवनों की छत पर होर्डिंग लगे हैं। ऐसे भवनों से कॉमर्शियल हाउस टैक्स लिया जाने का नियम है, मगर ऐसा हो नहीं रहा। नियम के तहत एक होर्डिेंग 10 फीट की लगाई जा सकती है, मगर लोग उससे ऊंची और चौड़ी होर्डिंग लगा रहे हैं। इसे देखते हुए अब ऐसे भवनों के दो हाउस टैक्स बिल बनेंगे।
एक में उनके घर का टैक्स होगा और दूसरे में होर्डिंग वाले एरिया का टैक्स होगा। होर्डिंग वाले क्षेत्र का टैक्स आवासीय का चार गुना लगाया जाएगा। इसमें 10 फीट से ऊंचाई की गणना एक कमरा बनाकर की जाएगी।
उससे ऊंची होर्डिंग दो कमरे के हिसाब से मानी जाएगी और जिससे टैक्स गणना का एरिया डबल हो जाएगा। जिन भवनों पर होर्डिंग लगी हैं उनकी सूची 15 दिन में तैयार करने का आदेश नगर आयुक्त ने जारी किया है।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह का कहना है कि नगर निगम की आय बढ़ाने को लेकर गृहकर नियमावली के प्रावधान को प्रभावी तरीके से लागू करने का आदेश नगर आयुक्त ने दिया है।
इसके तहत अब जो भी व्यावसायिक उपयोग वाले भवन या इमारतें छूटी थीं, उन्हें कर के दायरे में लाया जाएगा। जहां पर दूसरे नियमों की आड़ लेकर जो कम टैक्स दे रहे थे, उन पर उपयोग के तहत उतने गुना टैक्स लगाया जाएगा।