उन्होंने बताया कि दवाओं और कॉस्मेटिक की जांच के लिए लखनऊ, सहारनपुर और कानपुर में नई लैब बनेंगी। ये नई माइक्रोबॉयोलॉजिकल लैब मुंबई व चेन्नई में स्थित लैब की तर्ज पर बनेंगी। नई लैब बनने से दवाओं और कॉस्मेटिक्स की जांच रिपोर्ट कम समय में मिल सकेंगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में नकली, अधोमानक, मिथ्याछाप दवाओं के निर्माण और बिक्री से संबंधित मुकदमें पहले मंडल मुख्यालयों में दाखिल किए जाते हैं। जिससे उस मंडल के सभी जिलों मुकदमों की सुनवाई मंडलीय जिले के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में होती थी।
इसके चलते लगभग 38 सालों से सभी जिलों में कुल 1559 मुकदमें लंबित हैं। अब सभी जिलों में सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जहां ऐसा न्यायालय न हो वहां वरिष्ठम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय को विशेष न्यायालय के रूप में मुकदमों की सुनवाई के लिए अधिसूचित किया गया है। विशेष न्यायालय की अधिसूचना 25 नवंबर को जारी कर दी गई है।