उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि शताब्दी के संचालन की समयसारिणी बनाकर उत्तर रेलवे को भेजी गई है। ट्रेन प्रयाग की ओर से सुबह रवाना कराने की तैयारी है, जबकि लखनऊ से वापसी शाम को होगी। हालांकि, इस पर मुहर लगनी बाकी है। सूत्र बताते हैं कि आईआरटीटीसी के पास टाइमटेबल पहुंच गया है और मंथन भी शुरू हो गया है।
इधर उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम संजय त्रिपाठी ने बताया कि प्रयाग-फाफामऊ के बीच डबलिंग का बचा काम दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शताब्दी एक्सप्रेस का संचालन आसान हो सकेगा। शताब्दी को लेकर दोनों जोनों के बीच विचार-विमर्श चल रहा है।
बता दें कि जब नई ट्रेन शुरू की जाती है तो उसका प्रस्तावित टाइमटेबल इंडियन रेलवे टाइम टेबल कमेटी (आईआरटीटीसी) को भेजा जाता है। जहां टाइमिंग की फीजिबिलिटी जांची जाती है और स्वीकृति मिल जाने के बाद ट्रेन संचालन की व्यवस्था की जाती है। मसलन, रोलिंग स्टॉक, बोगियों आदि की व्यवस्था इसके बाद होती है।
ऐसे में एक ओर जहां उत्तर मध्य रेलवे द्वारा दिसंबर तक ट्रेन शुरू करने का दावा किया जा रहा था, वह पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।