मानसिक मंदित होने के बावजूद उसमें सीखने की गजब की क्षमता है। शायद यही कारण है कि एक साल के भीतर वह राष्ट्रीय स्तर की तीन प्रतियोगिताओं में पदक जीतने में कामयाब रही। बात हो रही है कि शहर की इकलौती ‘स्पेशल’ वेटलिफ्टर इच्छा पटेल की, जिसने हाल ही में कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) में आयोजित खेलो इंडिया नेशनल रैकिंग वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम किया। 87 किग्रा भारवर्ग में उन्होंने कुल 181 किग्रा वजन उठाया। इसमें स्नैच में 70 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 91 किग्रा शामिल रहा। स्पर्धा का स्वर्ण मणिपुर की मार्टिना देवी ने अपने नाम किया।
इच्छा के इस प्रदर्शन में पिता एवं लक्ष्मण अवॉर्डी ललित पटेल का अहम योगदान रहा, जिन्होंने बेटी को कभी किसी से कम नहीं समझा और घर पर खुद ट्रेनिंग देकर राष्ट्रीय पदक विजेता बना दिया। पटेल बताते हैं कि जब इच्छा ने वर्ष 2019 (अबुधाबी) में हुए स्पेशल ओलंपिक की पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में चार पदक जीते तो लगा उसे सामान्य वर्ग के लिए ट्रेनिंग दी जा सकती है।
पहले केडी सिंह बाबू स्टेडियम के वेटलिफ्टिंग हाल और फिर घर में दो साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद इच्छा के प्रदर्शन में गजब का सुधार आया और परिणाम आज सबके सामने है। उन्होंने कहा कि नेशनल में पदक जीतने के इच्छा को नेशनल कैंप के लिए बुलावा भी आया है, लेकिन मानसिक मंदित होने के कारण उसे वहां भेजा नहीं जा सकता।
प्रदर्शन पर एक नजर
स्पेशल ओलंपिक (वर्ष 2019) की पावरलिफ्टिंग में एक रजत और तीन कांस्य
पटियाला सब जूनियर नेशनल (अगस्त 2021) में वेटलिफ्टिंग की 81 किग्रा में कांस्य
भुवनेश्वर जूनियर नेशनल (मार्च 2022) में वेटलिफ्टिंग की 87 किग्रा में रजत
कांगड़ा जूनियर नेशनल (जून 2022) में वेटलिफ्टिंग की 87 किग्रा में रजत