आईएएस अफसरों का अब जल्दी-जल्दी तबादला नहीं होगा। सामान्यतया किसी पद पर तैनात अधिकारी को कम से कम दो साल तक नहीं हटाया जाएगा।
प्रमोशन, रिटायरमेंट, प्रदेश के बाहर प्रतिनियुक्ति या फिर प्रशिक्षण पर जाने की दशा में ही अफसरों की तैनाती अवधि कम हो सकती है।
दूसरे काडर से आईएएस में आने वालों पर भी यह नियम लागू होगा।
हो रहे थे धड़ाधड़ तबादले
राजनीतिक दबाव में प्रशासनिक अधिकारियों के जल्दी-जल्दी तबादलों को लेकर 31 अक्तूबर 2013 को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने आईएएस (काडर) नियमावली 1954 में संशोधन करके प्रशासनिक अफसरों की एक पद पर कम से कम दो साल तक तैनाती का प्रावधान कर दिया है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। इधर, राज्य सरकार भी प्रदेश के अधिकारियों के लिए इसी तरह की नियमावली तैयार करने की कवायद में जुटी है।
सुप्रीम कोर्ट ने 31 अक्तूबर 2013 को अपने फैसले में कहा था कि नौकरशाही को राजनीतिक प्रभाव में आकर मौखिक आदेश पर काम नहीं करना चाहिए।
शीर्ष अदालत ने नौकरशाही को राजनीतिक दबाव से मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार को ट्रांसफर-पोस्टिंग व अनुशासनात्मक कार्रवाई से संबंधित मामलों के लिए तीन महीने के भीतर केंद्र और राज्य स्तर पर सिविल सेवा बोर्र्डों का गठन करने का आदेश दिया था।
सु्प्रीम कोर्ट ने दिया था फरमान
सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की न्यूनतम अवधि तय करने के लिए भी कहा था। इसके अनुपालन में केंद्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए एक पद पर कम से कम दो वर्ष की तैनाती का प्रावधान कर दिया है।
इसके साथ ही सभी राज्यों में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सिविल सर्विसेज बोर्ड के गठन के निर्देश दिए गए हैं।
बोर्ड में वरिष्ठतम अपर मुख्य सचिव, राजस्व परिषद के अध्यक्ष या वित्त आयुक्त या समकक्ष स्तर का अधिकारी बतौर सदस्य रहेंगे।
प्रमुख सचिव कार्मिक बोर्ड केसदस्य सचिव होंगे। केंद्र या राज्य सरकार न्यूनतम अवधि से पहले भी सिविल सर्विसेज बोर्ड की संस्तुति पर किसी अधिकारी का स्थानांतरण कर सकेगी।
सक्षम प्राधिकारी कारण दर्ज करने के साथ बोर्ड की संस्तुति को नामंजूर भी कर सकेगा।
नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग केअधिकारियों का कहना है कि एक ही पद पर न्यूनतम दो वर्ष की तैनाती बाध्यकारी नहीं है। अधिसूचना में यथासंभव दो वर्ष तक एक ही पद पर तैनाती की बात कही गई है।