यूपी के पशुधन विकास परिषद ने भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक से उच्च क्षमता वाले पहले स्वदेशी साहीवाल नस्ल के बछड़े को जन्म दिलाने में सफलता हासिल की है।
आगे चलकर इस बछड़े से हर साल 40 हजार गायों के लिए सीमेन (वीर्य) प्राप्त किया जा सकेगा।
इससे पैदा होने वाली बछिया हर ब्यात में 4000 से 5000 लीटर दूध दे सकेगी।
प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले सांड से स्वदेशी नस्लों के प्रसार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक पर काफी समय से काम चल रहा था।
अप्रैल 2013 में चकगंजरिया प्रक्षेत्र की एक उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली साहीवाल गाय से आठ भ्रूण प्राप्त कर इन्हें दूसरी साहीवाल गायों में प्रत्यारोपित किया गया था।
इसमें पहली गाय (सरोगेट मदर) ने बुधवार देर रात चकगंजरिया प्रक्षेत्र में एक बछड़े को जन्म दिया है।
परिषद के सीईओ बीबीएस यादव ने बताया कि भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक से पैदा होने वाला स्वदेशी साहीवाल नस्ल का यह प्रदेश का पहला बछड़ा है।
इसे ‘अर्जुन’ के नाम से जाना जाएगा। ‘अर्जुन’ आगे चलकर हर साल 40 हजार गायों के लिए सीमेन देने में सक्षम होगा।
हर साल 20 हजार बच्चों का पिता बनने में सक्षम
डा. संतोष कुमार यादव ने बताया कि साड़ के रूप में यह बछड़ा वर्ष में 40 हजार गायों के लिए सीमेन देने में सक्षम होगा। डा. यादव ने बताया कि सीमेन खाली जाने का औसत निकाल दिया जाए तो इस सीमेन से औसतन 15 से 20 हजार गायें बच्चा जरूर जनेंगी।