आवास विकास परिषद ने अपनी योजनाओं में जमीनों के रेट पांच से 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। सबसे अधिक बढ़ोतरी लखनऊ, गोंडा, वाराणसी, गोरखपुर और बाराबंकी की योजनाओं में हुई है। हालांकि कई शहरों में जमीन की कम मांग को देखते हुए दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। परिषद के वित्त नियंत्रक धर्मेंद्र वर्मा की ओर से शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए जमीनों के नए रेट जारी कर दिए गए।
आदेश के मुताबिक नए रेट पहली अप्रैल से प्रभावी माने जाएंगे। जमीनों के जो नए रेट जारी किए गए हैं उसमें ज्यादातर योजनाओं में पांच से दस प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन कई शहरों में यह बढ़ोतरी 15 फीसदी तक हुई है। सबसे अधिक 15 फीसदी की बढ़ोतरी वाराणसी की पांडेयपुर योजना, गोरखपुर की बेतियाहाता दक्षिणी योजना, गोंडा की भरतपुरी योजना, बाराबंकी की ओबरी योजना व लखनऊ की वृंदावन योजना में किया गया है। गाजियाबाद की सिद्धार्थ विहार व वसुंधरा योजना योजना में एक प्रतिशत से भी कम बढ़ोतरी की गई है।
नहीं बढ़े फ्लैट के दाम
परिषद ने फ्लैट की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। प्रदेश में परिषद के करीब दस हजार फ्लैट खाली हैं। इसमें से करीब चार हजार फ्लैट सिर्फ राजधानी में ही खाली हैं।
इन शहरों 10 फीसदी तक बढ़ी कीमत
बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़, प्रयागराज, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर, बस्ती, गोरखपुर, अयोध्या, सुलतानपुर, गोंडा, झांसी, बांदा, जालौन, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, हाथरस, कासगंज, अलीगढ़, मेरठ, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई व लखीमपुर।