होमगार्ड ड्यूटी में घोटाले के बाद आगे घोटाले की गुंजाइश न रह जाए, इसकी कवायद शुरू हो गई है। सोमवार को प्रमुख सचिव होमगार्ड ने एनआईसी के अधिकारियों के साथ बैठक की और इसके लिए साफ्टवेयर तैयार करने के निर्देश दिए। होमगार्ड की ड्यूटी का मस्टररोल अब ऑनलाइन होगा। इसके लिए थानेदारों को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। थानेदार को साफ़्टवेयर पर अपडेट करना होगा कि जिन होमगार्डों की ड्यूटी लगी है, उसमें से कितने हाजिर हैं और कितने गैर हाजिर। साफ्टवेयर में गैर हाजिर पर क्लिक होते ही होमगार्डों के मोबाइल पर गैर हाजिरी का मैसेज पहुंच जाएगा। अगर होमगार्ड ड्यटी कर रहा है और साफ्टवेयर ने गैर हाजिर कर दिया है तो इसे दुरुस्त कराने के लिए होमगार्ड को समय दिया जाएगा। होमगार्डों की भी उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक, आधार या लोकेशन बेस अटेंडेंस का विकल्प दिया जाएगा।
जांच के दौरान गोमतीनगर और गुडंबा के थाने की जुलाई-अगस्त 2018 और जुलाई-अगस्त 2019 की पड़ताल की गई। जांच में पाया गया कि होमगार्ड की ड्यूटी घोटाले में शामिल जालसाजों ने फर्जी मस्टररोल में एक ही थाने की दो भिन्न-भिन्न मुहर लगा दी गई। मसलन अगस्त 2019 के मस्टररोल पर ‘थानाध्यक्ष’ गोमतीनगर और ‘प्रभारी निरीक्षक’ गोमतीनगर की मुहर का प्रयोग किया गया। जबकि थाने पर इन दोनों ही मुहर का प्रयोग नहीं होता। इसी तरह जुलाई 2018 के मस्टर रोल पर थाने की गोल मुहर का प्रयोग किया गया जो थाने की मुहर से मेल नहीं खा रही। इसी तरह आमद और रवानगी के भी फर्जी दस्तावेज तैयार किया गए। इतना ही नहीं गोमतीनगर थाने के जिस मुंशी का नाम मस्टर रोल पर अंकित किया गया है, उस नाम का कोई मुंशी गोमतीनगर थाने पर कभी तैनात ही नहीं रहा है।