होमगार्ड वेतन घोटाले में सोमवार दोपहर गोमतीनगर पुलिस ने जिला कमांडेंट कार्यालय के ब्लॉक अफसर (बीओ) राजकुमार वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घोटाले में उसकी भूमिका पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की। उधर, पुलिस के डर से घर छोड़कर भागे कंपनी कमांडर सुशील कुमार सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि वेतन घोटाले में जिला कमांडेंट कार्यालय के 10 अधिकारी-कर्मचारी पुलिस के रडार पर थे, जिसमें कंपनी कमांडर सुशील कुमार सिंह की भूमिका स्पष्ट होने के बाद दबिश दी गई, लेकिन वह भाग निकला।
पुलिस ने उसके जानकीपुरम, मड़ियांव और इंदिरानगर में चार ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस का दबाव बढ़ने पर सोमवार को कंपनी कमांडर ने सरेंडर कर दिया। उधर, सोमवार को घोटाले में ब्लॉक स्तर के अधिकारी राजकुमार वर्मा की भूमिका स्पष्ट होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
इस बीच गोमतीनगर पुलिस ने जिला कमांडेंट कार्यालय से जब्त महत्वपूर्ण फाइलें, मस्टररोल व अन्य दस्तावेजों की गहराई से पड़ताल की। फाइलों और मस्टररोल में किन-किन अधिकारियों या कर्मचारियों के हस्ताक्षर हैं? उनका ब्योरा जुटाया जा रहा है। हालांकि अभी तक 10 लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। एसएसपी का कहना है कि चिह्नित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी कमांडर को रिमांड पर लेकर उनके अधीन आने वाले थानों में हुए वेतन घोटाले से संबंधित जानकारियां ली जाएंगी। इस मामले में होमगार्ड विभाग के डिप्टी कमाडेंट जनरल रणजीत सिंह की जांच के बाद गुडंबा इंस्पेक्टर रीतेंद्र प्रताप सिंह की तरफ से बुधवार आधी रात को गोमतीनगर थाना में केस दर्ज किया गया था। बृहस्पतिवार सुबह पुलिस ने होमगार्ड के जिला कमांडेंट कृपाशंकर पांडेय को गिरफ्तार कर लिया था।
गोमतीनगर थाना के मस्टर रोल में भी किया फर्जीवाड़ा
जिला होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय ने गोमतीनगर थाना के मस्टर रोल में भी फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये हड़पे थे। थाने के रिकॉर्ड और मस्टर रोल की जांच में इसका खुलासा हुआ है। सूत्रों ने बताया कि थाने में जितने होमगार्डों की ड्यूटी लगाई गई थी, उससे तीन गुना से अधिक का वेतन बनाया गया। अन्य थानों के मस्टर रोल की भी जांच की जा रही है।