इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसले में कहा है कि विवाह शून्य घोषित होने पर भी पत्नी घरेलू हिंसा का मुकदमा कर सकती है। शादी को समाप्त होने से घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत दाखिल परिवाद पर कोई असर नहीं पड़ेगा। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने यह फैसला व आदेश पति की याचिका पर दिया।