दुष्कर्म के बाद गर्भवती हुई 15 वर्षीय किशोरी को अब उम्र भर इस घिनौने कृत्य का दाग लेकर नहीं जीना होगा। अदालत ने उसका गर्भपात कराने की इजाजत दे दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मंगलवार को इसके लिए लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के तीन चिकित्सकों की टीम बनाने का निर्देश दिया है। यह टीम किशोरी का मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग करेगी।
सुरक्षित पाए जाने पर गर्भपात करवाएगी। इससे पहले पीड़ित किशोरी के पिता की अनुमति ली जाएगी। किशोरी के पिता ने गर्भपात की अनुमति के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
हाईकोर्ट के जस्टिस शबीहुल हसनैन और जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने कहा कि किशोरी के चिकित्सकीय परीक्षण, फॉलो-अप, सर्जरी व ऑपरेशन का खर्च केजीएमयू खुद वहन करे।
याचिका में पीड़िता के पिता ने कहा था कि अगर उसकी बेटी गर्भपात नहीं करवा पाती है तो उसे जीवन भर इस कलंक के साथ जीना होगा। यह उसे हर समय उसके साथ हुए घृणित व्यवहार की याद दिलाता रहेगा। ऐसे में गर्भपात की अनुमति दे देनी चाहिए।