ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट गंभीर है। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने रेलवे के अफसरों को इसके मद्देनजर हाल ही में जारी हेल्पलाइन नंबर 1322 को असरदार बनाने के निर्देश दिए हैं।
खासतौर पर महिला यात्रियों की हिफाजत के पुख्ता इंतजाम किए जाने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि रेलयात्रियों को अपने हाल पर कतई न छोड़ा जाए। रेलवे एसएमएस या ऐसे पुशबटन मुहैया कराए जिससे किसी आपदा में फंसा यात्री आसानी से सूचना दे सके।
अदालत ने वीमेन पावरलाइन की तारीफ की और वैसे ही व्यवस्था किए जाने को कहा। कोर्ट ने मामले की अगले सुनवाई 7 अक्तूबर नियत कर उस दिन डीएसओ के निदेशक, महिला सेल के आईजी नवनीत सिकेरा, आरपीएफ के कमांडेंट एवं रेलवे के एडीजी को कोर्ट में पेश होने को कहा है।
न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना और न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यह आदेश रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर वर्ष 2011 से लंबित पीआईएल पर दिया।
तीन अंकों का हो हेल्पलाइन नंबर
सुल्तानपुर जिले में महिला रेलयात्रियों के साथ हुई अभद्रता संबंधी अमर उजाला में छपी खबर का खुद संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने यह पीआईएल दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई के समय राज्य सरकार की तरफ से शासकीय अधिवक्ता रिशाद मुर्तजा ने हलफनामा पेश किया। अदालत ने कहा कि इससे लगता है कि रेलवे, कोर्ट के दिए गए सुझावों पर गंभीरता से गौर कर रहा है।
कोर्ट ने हेल्पलाइन नंबर 1322 को अन्य हेल्पलाइन नंबरों मसलन 100, 139 की तरह तीन डिजिट का किए जाने को कहा। अदालत ने कहा कि इससे लोगों को आसानी होगी। 4 अंक वाला हेल्पलाइन नंबर शुरू में ही प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहा है। लिहाजा 1322 का व्यापक प्रचार कराया जाए। रेलवे टिकटों के पीछे भी हेल्पलाइन नंबर लिखने पर गौर करे।
इमरजेंसी में एसएमएस या वाट्स एप से सूचना देने की हो व्यवस्था
अदालत ने कहा रेलवे को एसएमएस या ऐसे पुशबटन की सुविधा मुहैया करानी चाहिए जिसपर आसानी से इमरजेंसी की सूचना दी जा सके। ऐसी व्यवस्था हो जिससे टेक्स्ट मैसेज या वाट्स एप के जरिये 1322 या रेलवे बोर्ड को शिकायतें भेजी जा सकें।
...ताकि 1090 जैसा हो प्रभावी
कोर्ट ने कहा सूबे में वीमेन पावरलाइन 1090 बेहतर काम कर रहा है। इसे प्रभावी बनाने में प्रशंसनीय काम करने वाले आईजी नवनीत सिकेरा से 1322 को बेहतर और भरोसेमंद टूल बनाने की जानकारी ली जा सकती है। कोर्ट ने अगली तारीख पर सिकेरा को भी पेश होने को कहा है।
एमएसटी वालों से न हो आम यात्रियों को परेशानी
कोर्ट ने एमएसटी से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को सहूलियतें दिए जाने को कहा। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे इंतजाम किए जाएं जिससे एमएसटी वालों की वजह से आम यात्रियों को परेशानी न हो।
ये भी कहा
रेलवे हेल्पलाइन नंबरों को कोचों के अंदर और प्लेटफॉर्मो पर लिखवाए।
यात्रियों को सहूलियत व सुरक्षा मुहैया कराने के लिए स्टाफ व पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए।