हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा है कि लाइसेंसी असलहे आत्मरक्षा के लिए ही प्रयोग होने चाहिए। लाइसेंसी असलहे जानलेवा हमले या स्टेटस सिंबल के लिए कतई नहीं हैं।
अदालत ने यह अहम टिप्पणी असलहों के दुरुपयोग व हर्ष फायरिंग रोकने संबंधी लंबित मामले में की। सूबे में लाइसेंसी असलहों को लेकर आईआईएम की रिपोर्ट के मद्देनजर जारी किए गए शासनादेश व सर्कुलरों को भी अदालत ने तलब किया है।
न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना और न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव की खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार ने सचिवालय, हाईकोर्ट, एयरपोर्ट जैसे क्षेत्रों को आर्म्स फ्री जोन के रूप में चिह्नित करने के लिए अपना रुख साफ नहीं किया है।
अदालत ने कहा कि संबंधित समिति को इस संबंध में अपना दिमाग लगाना चाहिए और मुकम्मल रुख से अदालत को अवगत कराए। राज्य सरकार की तरफ से शासकीय अधिवक्ता रिशाद मुर्तजा पेश हुए।