हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के जानलेवा शहीद पथ का सफर सुरक्षित बनाने के मामले में सख्त रुख अख्तियार किया है।
कोर्ट ने संबंधित अफसरों को इस मद में खर्च होने वाली रकम जल्द से जल्द रिलीज कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने शहीद पथ पर हो रही दुर्घटनाओं के सिलसिले में संबंधित एडीजी समेत लखनऊ के एसएसपी को भी 9 मई को तलब किया है।
साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के निदेशक को कहा है कि संबंधित अफसरों के साथ मिलकर अपनी जिम्मेदारी तय करें और तुरंत शहीद पथ पर डिवाइडर ऊंचा करने के साथ सर्विस लेन पूरी कराएं।
कोर्ट ने वहां पेट्रोलिंग के भी मुकम्मल इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए। जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा और जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने शुक्रवार को ये निर्देश एक लंबित पीआईएल में दिए।
इसमें कानपुर रोड से फैजाबाद रोड को जोड़ने वाले करीब 23 किलोमीटर लंबे शहीद पथ पर खतरनाक कटों को बंद करने के लिए सुरक्षा संकेत लगाने के साथ ही स्ट्रीट लाइट लगाने का भी आग्रह किया गया था।
इसके पहले 22 अगस्त 2013 को कोर्ट ने इस मार्ग की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे।
याची अधिवक्ता एसपी सिंह सोमवंशी के मुताबिक पिछले हफ्ते की सुनवाई के समय पता चला कि शहीद पथ पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए केवल कागजी कार्रवाई ही चलती रही और हालात में जरा भी सुधार नहीं हुआ।
इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाकर संबंधित अफसरों को तलब किया और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उधर राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि मंडलायुक्त लखनऊ की अध्यक्षता में एक समिति बनी है।
इस समिति से 15 दिन में कार्रवाई का ब्यौरा तलब किया गया है। इस पर अदालत ने 15 दिन में खर्च संबंधी धनराशि रिलीज करने और जल्द काम शुरू करने के निर्देश देकर 9 मई को स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के समय सीओ ट्रैफिक व अन्य संबंधित अफसर भी पेश हुए। कोर्ट के पूछने पर सीओ ट्रैफिक ने बताया कि शहीद पथ पर पेट्रोलिंग की व्यवस्था एसएसपी के निर्देश पर कराई जाती है।
इस पर कोर्ट ने एसएसपी लखनऊ को भी तलब किया है। साथ ही वहां अब तक हुई दुर्घटनाओं में मुआवजे की बाबत हुई कार्रवाई की जानकारी के लिए एडीजी को भी तलब किया है।