कोर्ट ने निर्देश दिया कि 27 अगस्त 2018 के आदेश के तहत केस की विवेचना की जाए और इसके बाद सक्षम अदालत या मजिस्ट्रेट कोर्ट में पुलिस रिपोर्ट दाखिल की जाएगी।
पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने की दशा में याची आरोपी अभियोजन स्वीकृति को गलत तरीके से दिए जाने समेत अपने बचाव में दलीलें रख सकेंगे, जिनका सक्षम अदालत अंतिम निपटारा करेगी।
जब तक सक्षम अदालत यह निर्णय नहीं करती कि याचियों के खिलाफ दी गई अभियोजन स्वीकृति वैध है या नहीं, तब तक उनके खिलाफ कोई उत्पीड़नात्मक कदम नहीं उठाए जाएंगे।