डेंगू पर राज्य सरकार के लापरवाह रवैये पर हाईकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई है। इतना ही नहीं सख्त कदम न उठाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी है।
हाईकोर्ट के जस्टिस साही और विजय लक्ष्मी की बेंच ने राज्य सरकार के दो प्रमुख सचिवों को जमकर लताड़ लगाई और कहा कि शहर में इतनी मौतें हो जाने के बाद भी बचाव के लिए कदम उठाने के बजाय बस कागजों पर काम हो रहा है।
कोर्ट ने शहर में हुई डेंगू की मौतों पर बनी सरकारी रिपोर्ट पर भी हैरानी जताई और कहा कि हम खुद डेंगू से मरे दो वकीलों की शोकसभा कर चुके हैं जबकि आप कह रहे हैं कि डेंगू से शहर में अब तक एक ही मौत हुई। कोर्ट ने सवाल किया कि ये रिपोर्ट किस तरह से तैयार की गई है।
कोर्ट ने ये गुस्सा चिकित्सा व स्वास्थ्य और अर्बन डेवेलपमेंट के दो प्रमुख सचिवों पर उतारा और उन्हें 7 अक्टूबर तक ठोस उपाय करने का अल्टीमेटम दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा न होने की स्थिति में उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
कोर्ट ने राज्य सरकार से भी सवाल किया कि सरकार केंद्र से 60 हजार मच्छरदानियों की मांग कर रही है लेकिन आपने अपने स्तर पर क्या किया? कोर्ट ने राज्य सरकार की लापरवाही पर जबरदस्त गुस्सा जताया।