गोमती में निर्माण कार्य में जमीन जाने के दावे पर सपा एमएलसी मजहर अली खान उर्फ बुक्कल नवाब को जिला प्रशासन ने बगैर किसी जांच के 8.05 करोड़ रुपये मुआवजा का भुगतान कर दिया। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने इसपर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए इसके जांच के आदेश दिए हैं।
अदालत ने कहा जांच के लिए हाई पावर कमेटी बनाई जाए जो 30 दिन में अपनी रिपोर्ट दे। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि अगर मुआवजे में दी गई रकम की वसूली में कोई दिक्कत आई तो जिन अफसरों ने भुगतान किया उनसे वसूला जाएगा।
अदालत ने कहा- पेश किए गए तथ्यों से पता चलता है कि ऐसी जमीन जो किसी की निजी मिल्कियत नहीं, फिर भी उसके लिए मुआवजा देकर उसे सरकारी बनाया गया। ऐसे शख्स को मुआवजा दिया गया जो उसके लिए पात्र नहीं था।