हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कोरोना के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय के परीक्षा कार्यक्रम को चुनौती देने वाली याचिका पर विवि प्रशासन को याची छात्रों के प्रत्यावेदन का चार जुलाई से पहले निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि छात्र परीक्षा संबंधी अपनी मांगों वाली अर्जी विवि को देंगे, जिस पर निर्णय लिया जाएगा।
प्रत्यावेदन खारिज होने पर छात्र फिर हाईकोर्ट में गुहार कर सकेंगे। न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया ने शुक्रवार को यह आदेश जतिन कटियार व 22 अन्य छात्रों की याचिका पर दिया। इसमें छात्रों ने 19 जून को विवि की ओर से जारी नोटिस व 23 जून को परीक्षा कार्यक्रम घोषित करने को चुनौती दी थी।
याचियों के अधिवक्ता सक्षम अग्रवाल की दलील थी कि परीक्षा नियंत्रक ने लगातार फैल रहे संक्रमण की स्थिति को देखे बगैर परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया। कोरोना की वजह से ट्रेनों का सामान्य तरीके से संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में दूर-दराज के छात्र परीक्षा देने लखनऊ नहीं आ सकेंगे।