इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दो मार्च को लखनऊ में होने वाली नरेंद्र मोदी की महारैली में पेंच फंसा दिया है।
कोर्ट ने भाजपा के पीएम पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी की रैली के मद्देनजर लखनऊ के कुछ स्कूलों में पुलिस कर्मियों को अस्थायी रूप से रुकने की इजाजत देने संबंधी राज्य सरकार की कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी।
न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने यह आदेश एक हिन्दी अखबार में इस आशय की छपी खबर का खुद संज्ञान लेकर दिया।
इसमें कहा गया था कि उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षा 3 मार्च से शुरू हो रही है और 2 मार्च को होने वाली मोदी की रैली के मद्देनजर राज्य सरकार व जिला प्रशासन ने लखनऊ के कुछ स्कूलों में पुलिस कर्मियों को ठहरने की इजाजत दे दी है।
दलील दी गई कि इससे परीक्षा प्रभावित हो सकती है। अदालत ने इस मामले में लखनऊ के जिलाधिकारी को तलब कर यह आदेश दिया।
उधर राज्य की तरफ से कहा गया कि कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए ये कार्रवाई की जा रही है।
कोर्ट ने शहर के स्कूलों में पुलिस केठहराए जाने पर रोक लगाकर अगली सुनवाई 27 फरवरी को नियत की है।