फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'डॉक्टरों ने मरीजों को बाहर की दवा लिखी तो खैर नहीं'

विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने मंगलवार को एक बार फिर सीएमओ व सीएमएस को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के खराब आचरण के कारण विभाग की बदनामी हो रही है। ऐसा करने वाले डॉक्टरों व कर्मियों को सरकार चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन


उन्होंने बाहर से दवा लिखने वाले डॉक्टरों को फिर चेताया। कहा कि बाहर से सुई तक लिखी गई तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ एक होटल में विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा,अब भी कुछ डॉक्टर बाहर की दवा व जांच लिख रहे हैं। इन्हें सुधर जाना चाहिए।

भ्रष्टाचार का यह बड़ा स्रोत है, इसे हर हाल में खत्म होना चाहिए। डॉक्टर अस्पतालों में समय पर पहुंचें। मरीजों का इलाज करें और उनकी जांच अस्पताल से ही कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

लापरवाही करने वाले डॉक्टरों को दी चेतावनी

मंत्री ने शाहजहांपुर की घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के जिला अस्पताल में कितनी लापरवाही बरती गई। वहां 22 अगस्त को प्रसव के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से एक नवजात का धड़ सिर से अलग कर दिया। यह गंभीर घटना है।
इस मामले में सीएमएस, सर्जन व नर्सों को सरकार ने निलंबित कर दिया है। ऐसी घटनाओं से स्वास्थ्य विभाग की छवि खराब होती है।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविन्द कुमार ने लापरवाही बरतने वाले सीएमओ व सीएमएस को फटकार भी लगाई। कहा कि कुछ लोगों की लापरवाही के कारण सभी बदनाम होते हैं।

यह नौबत नहीं आनी चाहिए। बजट की कोई कमी नहीं है। दवाएं अस्पतालों से ही दी जाएं। इस मौके पर डॉक्टरों की कमी का मुद्दा भी उठा।

इस पर प्रमुख सचिव ने कहा, भर्तियों के लगातार प्रयास हो रहे हैं। यूपी लोक सेवा आयोग से चयनित होकर जितने भी डॉक्टर आ रहे हैं उन्हें तत्काल पोस्टिंग दी जा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें