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पाकिस्तान व इंग्लैंड के खातों से हवाला का कारोबार

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इंद्रभूषण दुबे
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लखनऊ। ठगी से करोड़ों की काली कमाई करने वाले साइबर जालसाज विदेशी खातों से हवाला का कारोबार भी करने लगे हैं। मंगलवार को एसटीएफ की पकड़ में आए चार ठगों से मिले दस्तावेजों व मोबाइल में इसके साक्ष्य मिले हैं। इसमें पाकिस्तान व इंग्लैंड के दो खातों का पता चला है, जिनमें बड़ी रकम का लेनदेन हुआ है। इन खातों की जांच चल रही है। एसटीएफ की फोरेंसिक टीम आरोपियों के मोबाइल की डिटेल खंगालेगी।
एसटीएफ उपाधीक्षक लाल प्रताप सिंह के मुताबिक, गिरोह बेरोजगार युवकों को काम दिलाने के नाम पर मुंबई भेजता था। फिर आधार कार्ड लेकर उसमें पता व नाम बदलवाकर कई बैंकों में खाते खुलवाता था। इसके बदले युवकों को कुछ रकम देकर घर भेज दिया जाता था। डेढ़ साल में इन खातों से ऑनलाइन लॉटरी, केवाईसी के नाम पर 15 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई। एसटीएफ ने मंगलवार को गिरोह के आजमगढ़ के प्रवीण मौर्या उर्फ मटरू, गणेश मौर्य, आशीष श्रीवास्तव उर्फ गोलू और राहुल मौर्या को दबोचा। इनका सरगना बिहार के जमुई का श्रवण कुमार है। उसके करीबी प्रवीण और राहुल बेरोजगारों को तलाशते थे। इनका काम इनका आधार कार्ड जुटाना और खाता खुलने के बाद इन्हें एकमुश्त रकम देना है। वहीं, आशीष और गणेश मौर्या, सरगना व इन दोनों के इशारे पर काम करते हैं। गिरोह में शामिल विनायक माने और चंद्रकेश मौर्या मुंबई में सक्रिय हैं। इनमें विनायक माने वहीं का, जबकि चंद्रकेश आजमगढ़ का है।
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विदेशों में फंडिंग का लगाया जा रहा पता
आरोपियों के मोबाइल से यूपी, बिहार, महाराष्ट्र में हजारों खातों से रकम उड़ाने की डिटेल मिली है। मोबाइल व इनसे मिले दस्तावेजों की पड़ताल में सामने आया है कि पाकिस्तान और इंग्लैंड में कुछ खातों में लेनदेन हुआ है। इसमें से दो खातों की पूरी जानकारी हो गई है। इन्हें श्रवण, प्रवीण व राहुल यहां बैठकर चला रहे थे। एसटीएफ अन्य खातों की भी जानकारी ले रही है, ताकि विदेशों में होने वाली फंडिंग का पता चल सके।
फर्जी नाम-पते पर खुलवाए तीन हजार खाते
एसटीएफ के डीएसपी ने बताया कि विनायक और चंद्रकेश बेरोजगारों को मुंबई में रुकवाते थे। विनायक इनके आधार कार्ड में नाम-पता बदलकर चंद्रकेश को देता था। इसके बाद वह बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर कई बैंकों में खाते खुलवाता था। गिरोह ने डेढ़ साल में करीब तीन हजार अकाउंट खुलवाए। एक बेरोजगार के आधार कार्ड पर 15 से 20 खाते खुलवाए गए। हर खाते के लिए उन्हें तीन हजार रुपये दिए गए। करीब 200 युवकों के आधारकार्ड में छेड़छाड़ कर अकाउंट खुलवाए गए। इसके बाद श्रवण इन खातों से ठगी करता था। गिरोह एक व्यक्ति से 25 हजार से ढाई लाख रुपये तक की ठगी करता था।
रुपये निकालने में देरी पर लगता था जुर्माना
गिरोह के लोगों ने बताया कि श्रवण जिसे खाते संचालन की जिम्मेदारी देता, उसे हर अकाउंट में ठगी की रकम का सात प्रतिशत कमीशन देता था। उसने प्रवीण को एक बार में 70 लाख रुपये दिए। हालांकि, एक शर्त थी कि खाते में रकम आते ही निकालने में ज्यादा देरी नहीं होनी चाहिए। अगर देरी के चलते पुलिस ने अकाउंट सीज करवा दिया तो खाता संचालन करने वाले को पांच प्रतिशत जुर्माना भी देना पड़ता था।
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पत्नी के लिए खुलवाया 40 लाख का ब्यूटी पार्लर
एसटीएफ अधिकारियाें के मुताबिक, प्रवीण मौर्या उर्फ मटरू लॉकडाउन के बाद डेढ़ साल पहले श्रवण के जरिये ठगी के काले कारोबार में आया। इसके बाद उसे पैसे की कमी नहीं रही। कुछ समय पहले उसने मुस्लिम युवती से प्रेम विवाह किया। इसके बाद आजमगढ़ के महराजगंज में पत्नी के लिए 40 लाख रुपये से ब्यूटी पार्लर खुलवाया। एक सप्ताह पहले उसने 10 लाख की कार भी खरीदी थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
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