लखनऊ। बड़े अरमानों से शादी हुई। ससुराल पहुंचते ही दहेज उत्पीड़न शुरू हो गया। मायके वाले परेशान न हों, इसलिए सब कुछ सहती रही। फिर पता चला कि पति दांपत्य जीवन का निर्वहन करने में अक्षम है तो उसके पैरों तले जमीन ही खिसक गई। उस पर भी ननदोई पीछे पड़ गए। बोले- पति नहीं हो तो क्या, हम बच्चे पैदा करेंगे। ससुराल वाले भी कहने लगे कि पति के बारे में किसी को पता न चले, इसलिए बच्चा तो पैदा करना जरूरी है। ननदोई ने जबर्दस्ती की तो पीड़िता ने मायके वालों को जानकारी दी। फिर मायके जाकर उसने महिला थाने में पति, सास, ननद, ननदोई समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने छानबीन कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हुसैनगंज इलाके की रहने वाली युवती ने महिला थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी शादी दिसंबर 2020 में नाका के एक युवक से हुई थी। शादी में करीब 25 लाख रुपये खर्च किए गए थे। मगर जब वह ससुराल पहुंची तो कम दहेज का ताना मारकर उससे पांच लाख रुपये कैश व कार की मांग की गई। युवती का कहना है कि शादी के बाद उसे पता चला कि पति दांपत्य जीवन का निर्वहन करने में शारीरिक रूप से सक्षम ही नहीं है। सास व ननदों से शिकायत करने पर सभी ने चुप रहने की हिदायत दी।
आरोप है कि दो ननदोई बोले कि शारीरिक संबंधों के लिए पति पर आश्रित होने की जरूरत नहीं है, हम बच्चे पैदा करेंगे। आरोप है कि युवती के विरोध जताने पर पति, सास व ननदों ने धमकाया। सास ने कहा कि पति के बारे में किसी को न पता चले इसलिए बच्चा तो पैदा करना ही होगा। इसके लिए चाहे कुछ भी करना पडे़। आरोप है कि दो ननदोइयों ने कई बार जबर्दस्ती शारीरिक संबंध बनाने के प्रयास किए।
महिला थाना प्रभारी दुर्गावती ने बताया कि युवती की तहरीर पर पति, सास, चार ननद व तीन ननदोई के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करके उपनिरीक्षक पूनम सिंह को विवेचना सौंपी गई है। मामले में छानबीन कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।