लखनऊ के पीजीआई में अब हेयर ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू हो गई। प्लास्टिक सर्जन डॉ. अंकुर भटनागर और उनकी टीम ने आठ घंटे तक सर्जरी के बाद एक मरीज के बालों का प्रत्यारोपण किया।
डॉ.अंकुर भटनागर ने बताया कि हेयर ट्रांसप्लांट में सिर की पीछे के हिस्से से जड़ सहित बालों को निकाला जाता है। इसके बाद उस जड़ को माइक्रोस्कोप की मदद से दूसरी जगह प्रत्यारोपित कर दिया जाता है।
जड़ को लगाने के लिए 0.1 मिलीमीटर का छेद बना कर उसमें बालों की जड़ को रोपित किया जाता है। पुराने बाल तो गिर जाते हैं लेकिन इसमें नए बाल निकलते हैं उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति का हेयर ट्रांसप्लांट किया गया, उसके दो हजार बालों की जड़ (फॉलीक्यूल) लगाए गए।
इनमें से 80 से 90 फीसदी जड़ों से बाल निकलेंगे। जड़ों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ दिन कैंप पहननी होती है।
डॉ.अंकुर ने बताया कि निजी अस्पतालों की अपेक्षा पीजीआई में हेयर ट्रांसप्लांट 50 फीसदी कम खर्च में हो सकेगा। उन्होंने बताया कि हेयर ट्रांसप्लांट की टीम में शामिल पिडियाट्रिक सर्जन डॉ. विजय उपाध्याय, जनरल सर्जन डॉ. बृजेश और जनरल हॉस्पिटल की दो नर्सों को निदेशक प्रो. राकेश कपूर ने बधाई दी है।