प्रदेश की सियासत के केंद्र राजधानी लखनऊ से सटे जिलों में राष्ट्रीय राजनीति में दखल देने वाले रायबरेली और अमेठी हंै, तो दूसरी तरफ अपने जनप्रतिनिधियों को लेकर सुर्खियों में रहने वाला उन्नाव। सीतापुर जिले की भी सियासत में खासी दखल रहती है। इन जिलों की 25 में से 18 सीटों पर भाजपा का कब्जा है, मगर इसे बरकरार रखना बड़ी चुनौती होगी। मतदाताओं की चर्चाओं में फिलहाल जो कुछ आ रहा है उससे साफ है कि ज्यादातर सीटों पर भाजपा-सपा में सीधा मुकाबला है। कांग्रेस-बसपा के सामने तो पुरानी सीटें बचाने की ही चुनौती ज्यादा है।
उन्नाव : सदर, भगवंतनगर और मोहान
चर्चाओं में तो फिलहाल भाजपा और सपा
उन्नाव जिले की बात करें तो यहां की 6 में से 5 सीटें भाजपा के पास हैं। एक सीट बसपा ने जीती थी। पर, अब बसपा विधायक भाजपा के खेमे में हैं। उन्नाव सीट पर क्या हालात हैं, यह जानने के लिए हम उन्नाव-रायबरेली रोड पर निकले। यहां मोड़ पर हमें प्राइवेट जॉब करने वाले रजत और सूरज मिले। माहौल कैसा है, इस सवाल पर वे छुट्टा जानवरों से हो रही परेशानी से लेकर बेरोजगारी, महंगाई तक गिना जाते हैं। वे यह भी कहते हैं कि उनके इलाके में तो मोदी, योगी या अखिलेश के नाम पर ही वोट जाता दिख रहा है। जयशंकर अवस्थी का मानना है कि भले ही यह सीट भाजपा के पास है, इस बार उसे सपा से टक्कर मिलती दिख रही है।
भगवंतनगर में भी मतदाताओं की चर्चाओं में मुद्दे उन्नाव सीट जैसे ही हैं। विधानसभा क्षेत्र में आने वाले लालकुुआं कस्बे में ऑटो पार्ट्स की दुकान पर मिले मयंक कहते हैं, जीएसटी को लेकर कारोबारियों में नाखुशी है। वहीं, दुकानदार देवेंद्र कुमार व अजीत कहते हैं, लोगों का रुख तो प्रत्याशी तय होने के बाद ही पता चलेगा। इसी क्षेत्र में एक बैंक के बाहर मिले ऊदन निषाद, सुरेश, श्रीराम निषाद कहते हैं कि भाजपा व सपा के लोग खूब जोर लगाए हुए हैं।
लखनऊ से सटी मोहान सुरक्षित सीट पर क्या माहौल है, यह जानने के लिए हमने कस्बे की एक दुकान पर मिले धर्म सिंह, छेदीलाल, शिवशंकर, अनुज, सर्वेश, प्रशांत व बबलू सिंह को कुरेदा। वे कहते हैं, यहां मुकाबला भाजपा-सपा में है। अलबत्ता सोहरामऊ क्षेत्र में चाय की दुकान चलाने वाले लल्लन मिश्र कहते हैं कि कोई कुछ कहे, वोट तो राम के नाम पर पड़ेगा।
बांगरमऊ, सफीपुर : कौन होगा उम्मीदवार, निगाहें इसी पर
बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दुष्कर्म मामले में सजा हो गई। हालांकि 2020 में हुए उपचुनाव में भाजपा फिर जीती। श्रीकांत कटियार विधायक बने। यहां के एक होटल में चाय की चुस्की लेते मिले बुजुर्ग सामाजिक कार्यकर्ता देवी प्रसाद वर्मा ने बताया कि मुकाबला सपा व भाजपा में ही है, लेकिन उम्मीदवार चयन भी अहम होगा। किसान जयप्रकाश कटियार व नासिर अली भी इसी बात का समर्थन करते हैं।
पूर्व प्रधान देव प्रकाश कटियार व श्रीकांत तिवारी क्षेत्र में विकास न होने का मुद्दा बताते हैं तो राधेश्याम व सुरेंद्र कटियार का मानना है कि किसी भी दल को अबकी बार प्रदेश में बहुमत मिलना कठिन है। भाजपा के कब्जे वाली सफीपुर सीट के सरायसुबेदार कस्बे में अलाव ताप रहे राजेश कहते हैं कि क्षेत्र में एक डिग्री कॉलेज खुलना चाहिए। उम्मेदाराय बाजार के यूनुस पीएम आवास योजना की तारीफ करते हैं तो क्षेत्र के लोग लिंक मार्गों की बदहाली को बड़ी विफलता बताते हैं। नीरज कुशवाहा मुफ्त अनाज व किसान सम्मान निधि को गरीबों के लिए सीधी मदद बताते हैं। वहीं, पुरवा विधानसभा क्षेत्र में मिले धर्मेंद्र कहते हैं कि चुनाव रोचक होगा। फिलहाल लड़ाई सपा-भाजपा में है। यहां से पिछली बार बसपा के अनिल सिंह जीते थे, मगर अब वे भाजपा में हैं। पार्टी बदलने से उनकी राह आसान नहीं होगी।
रायबरेली : समीकरण साधने की होगी चुनौती
सदर, हरचंदपुरव ऊंचाहार सीट
रायबरेली जिले की दो सीटें हरचंदपुर और रायबरेली से कांग्रेस जीती थी। अब दोनों विधायक भगवा खेमे में आ गए हैं। जेल रोड पर स्थित चाय-पकौड़ी की दुकान पर मिले मटिहा के किसान उमाशंकर ने छुट्टा जानवरों के साथ ही महंगाई को बड़ी समस्या बताया तो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रदीप कुमार ने कहा कि रायबरेली व आसपास में राजमार्गों तक का हाल बुरा है। यहां मौजूद लोगों ने कहा कि मुकाबला सपा, भाजपा में होगा।
हरचंदपुर सीट का मिजाज जानने के लिए हम सेमरी चौराहा पहुंचे। यहां चाय की दुकान में मिले एलआईसी एजेंट पंकज पांडेय कहते हैं कि अन्य इलाकों की तरह यहां भी छुट्टा जानवर सबसे बड़ा मुद्दा हैं। पास खड़े विजय बहादुर कहते हैं, पानी की भी बड़ी किल्लत है। हैंडपंप खराब हैं। हालांकि, समर बहादुर और संतोष कहते हैं कि इन सब मुद्दों का असर चुनाव में नहीं दिखेगा।
सरेनी विधानसभा क्षेत्र के लालगंज क्षेत्र में एक दुकान पर राजेश, देवी प्रकाश सिंह, डॉ. राजेश और अवधेश सिंह लूडो खेलते मिल गए। राजेश कहते हैं कि सड़कें खराब हैं। अवधेश ने कहा कि छुट्टा जानवर घरों में घुस जाते हैं। वोट तो इन्हीं मुद्दों पर पड़ेगा। ऊंचाहार सीट का मिजाज जानने के लिए डलमऊ से रायबरेली सड़क मार्ग से हम चौदह मील पहुंचे। इसका बाएं तरफ का हिस्सा सरेनी विधानसभा में आता है तो दाहिनी तरफ का ऊंचाहार सीट में। ऊंचाहार सीट वाले हिस्से में एक चाय की दुकान पर मिले किसान शीतला प्रसाद कहते हैं, छुट्टा जानवर तो किसानों व खेती के दुश्मन बन गए हैं। खेतों में लगे तार तक तोड़ डालते हैं। वहीं मौजूद संजय कहते हैं कि धान की खरीद में भी मनमानी हो रही है। बोरी मिलती नहीं। अंजनी ने बताया कि सिंचाई के समय पर नहर बंद है। हालांकि, कुरेदने पर यह सभी लोग लड़ाई भाजपा-सपा में बताते हैं।
अमेठी, तिलोई : हवा का रुख भांप रहे मतदाता
अमेठी की तीन सीटें भाजपा ने तो एक सपा ने जीती थीं। जिले की सीटों के सियासी मिजाज जानने के लिए हम ग्राम पंचायत खेरौना में पहुुंचे। यहां दुकान पर चाय की चुस्कियां लेते मिले बुजुर्ग अमरनाथ गौतम ने चर्चा छिड़ते ही छुट्टा मवेशियों की समस्या सुनानी शुरू कर दी। इस पर हनुमान विश्वकर्मा ने जवाबी हमला किया, मवेशियों को तो हम सब ही छोड़ते हैं। बाहर से तो लाए जाते नहीं। लाए जाते हों तो बताओ? नवनीत द्विवेदी बोले, योगी सरकार अच्छा काम कर रही है। मंदिर निर्माण से बड़ा कोई काम नहीं है। यहीं मौजूद विनोद शर्मा बोले, सपा सरकार में विधायक मिलते थे, सुनवाई होती थी। अब ऐसा नहीं है। सुधीर द्विवेदी कहते हैं कि जो भी विकास हुआ है, कांग्रेस के समय में हुआ है। दुर्गेश सिंह भी पिल पड़े। वे बोले, चुनाव आया तो श्रम कार्ड से पैसे भेजे जा रहे हैैं। तिलोई के फुर्सतगंज कस्बे में रात में हम निकले तो एक मेडिकल स्टोर पर सुधीर कुमार, अंकित शुक्ला, मुकेश व सोनू मिले। वे कहते हैं, फ्री राशन मिल रहा है। कर्ज माफी की भी सबको उम्मीद रहती है। जायस कस्बे में मंडी स्थल के सामने शत्रुघ्न की पकौड़े की दुकान पर मौजूद आढ़ती श्रवण कुमार और राम सजीवन कहते हैं कि यहां कमल का जोर है। पास में बैठ पान के दुकानदार ने कहा जोर ‘राजा’ का रहेगा। एक मेडिकल स्टोर संचालक ने कहा कि सपा का जोर है, तोे व्यापारी दिनेश जैन, अशोक मौर्या, संजय मित्तल, रमाकांत कौशल, विष्णु अग्रवाल, राजकुमार कनौजिया ने भाजपा का नाम लिया।
गौरीगंज, जगदीशपुर : प्रत्याशियों पर निर्भर करेगी लड़ाई
अमेठी जिले की गौरीगंज अकेली सीट है जहां पिछले चुनाव में सपा के राकेश प्रताप सिंह ने जीत दर्ज की थी। यहां कस्बे में घर के बाहर आग ताप रहे अनुपम मणि त्रिपाठी, रवि शंकर, कृष्ण कुमार व चंदन सोनी कहते हैं, अबकी बार मुकाबला प्रत्याशी पर निर्भर करेगा। गौरीगंज से हम जगदीशपुर सीट का मिजाज जानने के लिए निकले। यूपीसीडा कॉलोनी में एक होटल पर मिले एजाज अहमद कहते हैं, यहां राहुल गांधी की छाप ज्यादा है। शौकत अली कहते हैं कि सपा भी मजबूत है।
चाय की दुकान पर बैठे मिले दिनेश कुमार कहते हैं कि वे 40 साल से अधिक के हो चुके हैं, लेकिन जो काम पिछले वर्षों में भाजपा ने किया, अब तक किसी ने नहीं किया। बासदेव श्रीवास्तव और राम चरन सरोज भी उनका समर्थन करते हैं। पिसियांवा निवासी रामलली कहती हैं, फ्री में राशन और खाते में पैसा इसी सरकार में मिला है। चांदगढ़ के मोईन कहते हैं, जब सब लोग योगी-मोदी के साथ हैं तो हम भी उन्हीं के साथ हैं। हालांकि जहीर, समीर, नूर मोहम्मद भी हमें मिले, पर इन सबने रुझान देने से मना कर दिया।