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बदायूं रेप एंड मर्डर केस: हाईकोर्ट पहुंची राज्य सरकार

Tue, 10 Jun 2014 01:18 AM IST
मोहित त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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चौतरफा हो रही आलोचना और लचर कानून व्यवस्था के आरोपों के बीच राज्य सरकार भी बदायूं केस पर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है, लिहाजा मामला कोर्ट पहुंच गया है।
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बदायूं कांड की सीबीआई से जांच कराए जाने की सिफारिश संबंधी अधिसूचना सोमवार को राज्य सरकार की तरफ से हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में पेश की गई।

याचिकाकर्ता वकील ने भी घटना की एफआईआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी पेश की। अगली सुनवाई 11 जून को होगी।

जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा व जस्टिस राजन रॉय की अवकाशकालीन खंडपीठ के समक्ष वी द पीपल नामक संस्था की तरफ से अधिवक्ता प्रिंस लेनिन की ओर से दायर इस पीआईएल पर सुनवाई हुई।

पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग

इसमें याची ने बदायूं में दो किशोरियों के साथ गैंगरेप के बाद हत्या मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई समेत मृत किशोरियों के परिजनों को समुचित सुरक्षा मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए जाने की गुजारिश की है।

गत 3 जून को अदालत ने राज्य सरकार समेत याची को उक्त दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए थे।

इसके तहत राज्य सरकार की अपर महाधिवक्ता बुलबुल गोदियाल ने सीबीआई जांच की 3 जून की अधिसूचना और संबंधित ‘प्रोफॉर्मा’ दाखिल किया, जबकि याची ने प्राथमिकी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी पेश की।
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एसआईटी से जांच की पीआईएल

बदायूं कांड समेत सूबे में हो रहे ऐसी अन्य घटनाओं की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराए जाने के आग्रह वाली पीआईएल हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दाखिल की गई है।

कोर्ट ने इस पर राज्य सरकार के अधिवक्ता को निर्देश प्राप्त करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।

यह पीआईएल स्थानीय पत्रकार जेएन शुक्ल ने दायर की है। याची के मुताबिक ऐसी घटनाओं की जांच एसआईटी से कराई जानी चाहिए और ट्रायल कोर्ट में इनकी प्रतिदिन सुनवाई होनी चाहिए।

याची का कहना था कि सूबे में ऐसी घटनाओं में इजाफा हुआ है।
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