राज्य सरकार के दो ड्रीम प्रोजेक्ट कुशीनगर एयरपोर्ट और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का निर्माण जल्द ही शुरू होने की उम्मीद जगी है।
पहले प्रोजेक्ट के लिए आरएफपी जारी करने को सोमवार की शाम शासन ने हरी झंडी दिखा दे दी, जबकि लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के लिए भी आरएफपी जल्द जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कुशीनगर में प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत एयरपोर्ट का निर्माण किया जाना है।
दोबारा शुरू की गई टेंडर की प्रक्रिया
लोकसभा चुनाव से पहले आरएफक्यू (रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन) फाइनल हो गई थी। आरएफपी (फाइनेंशियल बिड) भी मांग ली गई थी।
लेकिन, केंद्र में सरकार बदलने की आशंका के चलते आरएफक्यू में पास हो चुकी फर्म्स ने अपने प्रस्ताव वापस ले लिए थे। नतीजतन टेंडर की पूरी प्रक्रिया दुबारा शुरू करनी पड़ी।
दूसरी बार जारी हुई आरएफक्यू में दो फर्म पास हो चुकी हैं। सोमवार शाम शासन ने आरएफपी जारी करने की अनुमति पर्यटन विभाग को दे दी।
अब इस तरह होगा काम
उप सचिव अनूप श्रीवास्तव के मुताबिक आरएफक्यू में पास हो चुकी दो फर्म में से जो भी कम लागत में काम पूरा करने का प्रस्ताव देगी, उसे ही ठेका मिलेगा। 390 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में करीब 100 करोड़ रुपये केंद्र सरकार को बतौर अनुदान देना है।
हालांकि, विभाग के ही कुछ अफसरों का कहना है कि यह लागत दो साल पहले तय हुई थी। तब से अब तक मैटेरियल के रेट 20 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। इसलिए बढ़ी प्रोजेक्ट लागत स्वीकार करने के लिए केंद्र सरकार को आवेदन दिया जाएगा, क्योंकि तभी अनुदान की राशि भी बढ़ सकेगी।
वहीं लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए यूपीडा जल्द ही आरएफपी जारी करने जा रही है। 300 किमी लंबे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड में बनाने का फैसला लिया गया है।
इस पर दस हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आएगी। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। आरएफक्यू यानी टेक्निकल बिड में कई फर्म पास हो चुकी हैं।