मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्कूली बच्चों के मिड डे मील (मध्याह्न भोजन) के राशन के जरिए घर-घर दस्तक देने वाले हैं। बेसिक शिक्षा विभाग इसकी तैयारी में जुटा हुआ है। परिषदीय विद्यालयों में 1.80 करोड़ बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इस पहल के जरिए हर गांव-गांव और घर-घर लोगों को पता चल जाएगा कि योगी सरकार उनके बच्चे के दोपहर के भोजन का राशन और उसे तैयार करने के लिए धन दे रही है।
बेसिक स्कूलों के बच्चों को मिड डे मील देने की व्यवस्था है। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर बच्चों के लिए स्कूल बंद हैं। सरकार ने 24 मार्च को लॉकडाउन की शुरुआत से 30 जून ग्रीष्मावकाश तक (76 स्कूल दिवस) मिड डे मील में खर्च होने वाला अनाज बच्चों में बांटने का फैसला किया है।
इसके लिए बच्चों के अभिभावकों को स्कूल से एक प्राधिकार पत्र दिया जाएगा। इसमें विकास खंड, स्कूल का नाम, कक्षा, विद्यालय रजिस्टर में दर्ज रोल नंबर, छात्र-छात्रा का नाम, माता-पिता/अभिभावक का नाम, अभिभावक का मोबाइल नंबर, छात्र-छात्रा का आधार नंबर तथा अनाज की मात्रा दर्ज होगी।
मसलन, उच्च प्राथमिक विद्यालय का विद्यार्थी है तो उसे 3.8 किलोग्राम गेहूं, 7.6 किलोग्राम चावल, कुल 11.4 किलोग्राम खाद्यान्न मिलेगा। यदि विद्यार्थी प्राथमिक विद्यालय का है तो उसे 2.5 किलोग्राम गेहूं व 5.1 किलोग्राम चावल, कुल 7.6 किलोग्राम खाद्यान्न मिलेगा।