शिक्षा मित्रों को दिए जा रहे अधिकतम 25 भारांक को लिखित परीक्षा के अंक में शामिल कराने, सेवा अवधि 62 वर्ष करने, 12 महीने मानदेय देने, मानदेय में प्रतिवर्ष वृद्धि और मेडिकल अवकाश, अगली भर्ती परीक्षा में कटऑफ को समाप्त करने की मांग रखी। साथ ही शिक्षा मित्रों को 9वीं अनुसूची में शामिल कराकर टीईटी से छूट दिलाने और सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षा मित्रों को अधिक मौका देने के लिए कट ऑफ कम करने के लिए उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की।
बीएड टीईटी 2011 के अभ्यर्थियों को नौकरी देने में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने असमर्थता जाहिर की है। बैठक में बीएड टीईटी 2011 संघ के अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि 24 फरवरी 2017 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत 839 अभ्यर्थियों की तरह उन्हें भी नियुक्ति दी जाए। इस पर अधिकारियों का तर्क था कि 24 फरवरी 2017 के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश में सरकार को लिबर्टी दी है। बीएड टीईटी 2011 को नियुक्ति देना फिलहाल संभव नहीं है पर विभाग की ओर से मामले का परीक्षण कराया जा रहा है।